मुरादाबाद, जेएनएन। केंद्र सरकार द्वारा सख्त कानून बना दिए जाने के बावजूद तीन तलाक पीडि़तों का उत्पीडऩ जारी है। रामपुर में तो हद हो गई। शादी के दो साल बाद ही जिस महिला को तीन तलाक देकर जला दिया गया था, उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसके परिजनों ने पुलिस को भी सूचना दे दी है।

यह है उत्पीडऩ का पूरा मामला

यह घटना अजीमनगर थाना क्षेत्र के दौंकपुरी टांडा गांव की है। खेड़ा टांडा निवासी नजाकत अली की बेटी सीमा का निकाह दो साल पहले दौंकपुरी टांडा निवासी मोहम्मद आरिफ से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग करते रहते थे। सीमा से उसके पति और ससुराल वालों का झगड़ा दस दिन पहले हुआ था। इस दौरान पति ने पीडि़ता को तीन तलाक दे दिया और घर से निकालने लगा। सीमा ने जब इसका विरोध किया तो उनपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी थी। इससे सीमा बुरी तरह जल गई थी।

ससुराली नहीं, पड़ोस के लोग ले गए थे अस्पताल

पड़ोस के लोग उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। बाद में मायके वाले भी पहुंच गए। हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे रेफर कर दिया था।

दिल्ली में तोड़ दिया दम

तीन तलाक पीडि़ता का दिल्ली में इलाज चल रहा था, जहां गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की सूचना पुलिस को बी दे दी गई है।

मुकदमा दर्ज है, अब हत्या में होगा तरमीम

अजीमनगर थाना प्रभारी अमरीश कुमार ने बताया कि ससुराल वालों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मुकदमा संबंधित धाराओं में तरमीम किया जाएगा। शीघ्र ही आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।

Posted By: Narendra Kumar

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