मुरादाबाद: रेलवे स्टेशन की स्वचालित सीढ़ी एक साल से बंद है। बुजुर्ग व बीमार यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक फुट ओवर ब्रिज जर्जर होने से रेल प्रशासन ने बंद कर दिया है। उत्तर रेलवे मुख्यालय ने अभी तक नया फुट ओवर ब्रिज बनाने की स्वीकृति नहीं दी है।

मुरादाबाद स्टेशन पर कोरोना से पहले 130 ट्रेनें प्रतिदिन रुकती थीं, जिससे 27 हजार यात्री आनाजाना करते थे। रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए दो फुट ओवर ब्रिज बना रखे हैं। एक फुट ओवर ब्रिज में रैंप बनी हुई है। जिससे व्हील चेयर आदि ले जाई जा सकती है। यह फुट ओवर ब्रिज जर्जर होने के कारण बंद कर दिया गया है। दूसरे फुट ओवर ब्रिज में स्टेप बना हुआ है, जिससे चढ़ने में बीमार व बुजुर्ग यात्रियों को परेशानी होती है। प्लेटफार्म संख्या एक पर जीआरपी थाने की ओर स्वचालित सीढ़ी बनी हुई है।

कोरोना फैलने से पहले यानी जनवरी 2020 से स्वचालित सीढ़ी बंद पड़ी हैं। बंद करने का कारण बिजली की समस्या बताई जा रही है। स्टेशन की बिजली क्षमता बढ़ाने का काम किया जाना था, इसी कारण से लिफ्ट बंद है। स्वचालित सीढ़ी नहीं चलने से धूल की परते जमी हुई हैं। इसकी सफाई तक नहीं कराई गई है।

जर्जर फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए इंजीनियरिग विभाग ने प्रस्ताव उत्तर रेलवे मुख्यालय को भेजा है, लेकिन अभी तक मुख्यालय से कोई अनुमति नहीं मिली है। स्टेशन अधीक्षक अवध अस्थाना ने बताया कि बिजली की क्षमता नहीं बढ़ी है, इस लिए स्वचालित सीढ़ी बंद पड़ी है।

मंडल रेल प्रबंधक ने फुटओवरब्रिज बनाने को लेकर सभी ब्रांच अधिकारियों से वार्ता की। ब्रिज बनाने में दो करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। बजट के अध्यन के लिए मामला लेखा विभाग को भोजा गया है।

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