मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। डिलारी के राजपुर केसरिया गांव में तहखानों से मिली अवैध शराब के मामले में पुलिस जांच अभी जारी है। इस मामले में सात आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है, वहीं सीओ हाइवे को इस पूरे मामले की जांच सौंपी गई थी। अभी तक की जांच में दो थानेदारों के साथ ही कई पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। ठाकुरद्वारा कोतवाली से लेकर डिलारी थाने में तैनात रहे दारोगा और पुलिस कर्मियों के कई ऐसे झूठ पकड़े गए हैं, जिन्हें सुनकर अफसर भी अपना माथा पकड़कर बैठ गए हैं। इस मामले की जांच दो पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कर्मियों, निरीक्षकों के साथ ही दारोगाओं के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।

बीते 21 जून की रात को डिलारी के राजपुर केसरिया गांव निवासी राजेंद्र सैनी के साथ ही उसके दो बेटे और एक नौकर की शराब के तहखाने में जहरीली गैस बनने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस मृतक के घर में मौत का कारण पता करने के लिए पहुंची थी, उसी दौरान घर के अंदर तीन तहखाने मिले थे। पुलिस ने जेसीबी को बुलाकर इन तहखानों को तोड़ा तो हरियाणा ब्रांड की 74 पेटी अवैध शराब बरामद की गई थी। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा था, जिसमें छह लोगों को अगले दिन ही जेल भेज दिया गया था, जबकि जांच के बाद एक और आरोपित को जेल भेजने की कार्रवाई हुई थी। एसएसपी पवन कुमार ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए थे। डिप्टी एसपी डॉ.गणेश कुमार गुप्ता के साथ ही इंदू सिद्धार्थ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। घटना के एक माह से ज्यादा का समय बीत चुका है,लेकिन अभी तक रिपोर्ट फाइनल नहीं हुई है। इस मामले में सीओ डॉ.गणेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मुख्य अभियुक्तों के बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी गई थी, वह अनुमति पुलिस को मिल गई है। जल्द ही आरोपितों के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। गौरतलब है कि इस घटना के बाद एक चौकी प्रभारी के साथ ही बीट कांस्टेबल को निलंबित करने की कार्रवाई हुई थी। जबकि इस घटना के लिए और भी लोग जिम्मेदार हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इन सभी पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

डिलारी थाना क्षेत्र में हुई घटना की जांच अभी चल रही है। अभी तक की जांच में जो तथ्य और बयान सामने आए हैं, उनमें कुछ पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद इन सभी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। केस की प्रगति रिपोर्ट पर लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की जा रही है।

शलभ माथुर, डीआइजी, मुरादाबाद

 

Edited By: Narendra Kumar