मुरादाबाद(अनुज मिश्र)। खिलाड़ियों की बेहतर सुविधा के तमाम दावे होते हैं लेकिन, हकीकत इससे जुदा है। स्कूल और कॉलेजों में गर्मियों की छुट्टिया चल रही हैं। इस कारण सोनकपुर स्टेडियम में खिलाड़ियों की संख्या में एकाएक वृद्धि हुई है। खिलाड़ियों की संख्या तीन सौ के पार पहुंच गई है। संविदा पर रखे गए कोचों का अनुबंध खत्म होने के चलते इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले महज दो प्रशिक्षक ही स्टेडियम में रह गए हैं। जिनमें क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना और उप क्रीड़ा अधिकारी रंजीत राज का नाम शामिल है।

सोनकपुर स्टेडियम में 13 खेल खेलने की सुविधा है। हॉकी और जूडो को छोड़ अन्य कोचों की तैनाती हर वर्ष संविदा के तौर पर होती है, जिनका अनुबंध इस बार 31 जनवरी को समाप्त हो गया। इधर प्रशिक्षकों के अनुबंध में देरी हुई, उधर आचार संहिता लग गई। इस कारण प्रशिक्षकों का अनुबंध नहीं हो सका। ऐसे में स्टेडियम में खिलाड़ी बगैर प्रशिक्षक ही खेल रहे हैं। क्रिकेट एवं अन्य खेलों के बच्चे खुद ही अभ्यास कर रहे हैं। यह है नियम शासन के नियम के मुताबिक, अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति होती है। जिनमें हॉकी, फुटबाल, क्रिकेट, वालीबॉल में 40 खिलाड़ियों पर एक प्रशिक्षक का होना जरूरी है। जूडो, कबड्डी, खो-खो में 25 खिलाड़ियों पर एक प्रशिक्षक, वहीं बैडमिंटन, हैंडबाल में 30 खिलाड़ियों पर एक प्रशिक्षक होने का नियम है। प्रत्येक खेल में खिलाड़ियों की संख्या अधिक है। नियम के मुताबिक तो दूर, खिलाड़ियों को एक प्रशिक्षक तक उपलब्ध नहीं है। यह हैं 13 खेल स्टेडियम में हॉकी, जूडो, क्रिकेट, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, फुटबाल, बॉक्सिंग, हैंडबाल, बास्केटबाल, कुश्ती, वालीबॉल समेत कुल 13 खेल हैं। सभी खेलों को मिलाकर 300 से अधिक खिलाड़ी स्टेडियम में वर्तमान में खेल रहे हैं। किया जाएगा अनुबंध संविदा पर रखे गए कोचों का अनुबंध खत्म हो गया है। आचार संहिता के चलते अनुबंध अभी नहीं हुआ है। आचार संहिता खत्म होने के बाद शासन स्तर से ही कोचों का अनुबंध फिर से किया जाएगा।

-अनिमेष सक्सेना, क्रीड़ा अधिकारी।

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