मुरादाबाद। सरकारी सिस्टम की जड़ें दिन प्रतिदिन खोखली हो रही हैं। भ्रष्टाचार का घुन पूरे सिस्टम में घर कर गया है। इसके तह तक पहुंचना तब तक कठिन है, जब तक कि आम लोग अपनी आवाज भ्रष्टाचार के खिलाफ बुलंद नहीं करते। गाजियाबाद में कवि नगर के रहने वाले ठेकेदार योगेंद्र प्रकाश त्यागी मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश जल निगम के ठेकेदार हैं। दो दिन पहले उनके सब्र का बांध तब टूटा, जब डेढ़ माह बाद भी जल निगम का जेई बिल पर दस्तखत करने को तैयार नहीं हुआ। ठेकेदार के मुताबिक 29 लाख रुपये के भुगतान के एवज में जेई अश्वनी कुमार ने पहले ढाई लाख रुपये की मांग की। अपनी पीड़ा से अवगत कराते ठेकेदार जेई अश्वनी कुमार के सामने गिड़गिड़ाने लगा। फिर भी अश्वनी कुमार का दिल नहीं पिघला। अंतत: घूस की रकम 50 हजार रुपये तय हुई। दो दिन पहले योगेंद्र ने एंटी करप्शन टीम का दरवाजा खटखटाया। जेई को जाल में फंसाने का तानाबाना बुना गया। इसी के तहत धन का भूखा जेई शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़ा। भ्रष्टाचार का यह घुन सिर्फ जल निगम तक ही सीमित नहीं है।  

केस-एक  

25 अक्टूबर, 2019 को एंटी करप्शन  टीम ने मझोला थाना क्षेत्र के नया मुरादाबाद चौकी इंचार्ज दारोगा जितेंद्र तोमर को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। 

 केस-दो 

 14 सितंबर, 19 को मुरादाबाद एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र में तैनात दारोगा नन्हे बाबू  को दबोचा।  

केस-तीन 

25 सितंबर 19 को एंटी करप्शन टीम मुरादाबाद ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते अपर जिला सूचना अधिकारी भूपेंद्र कुमार को पकड़ लिया।  

केस-चार 

11 दिसंबर, 2019 को सम्भल में मुरादाबाद की एंटी करप्शन टीम ने क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर सहदेव सिंह को 40 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा।  

केस-पांच 

आठ जनवरी, 2020 को सम्भल के थाना नखासा में तैनात एसआइ चरण सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 25 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा।  

केस-छह 

एक नवंबर, 2019 को रामपुर में जल निगम के जूनियर इंजीनियर विजेंद्र सिंह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जेई परठेकेदार से उसके द्वारा कराए गए काम के बिल पास करने के लिए घूस मांगने का आरोप था।  

जेई अश्वनी को बता रहे पाक साफ

मुरादाबाद : जल निगम के जेई अश्वनी कुमार के रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद भी उसे पाक साफ बताया जा रहा है। जल निगम के जूनियर इंजीनियर संघ के मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने मामले को नया रूप देते बताया कि अश्वनी कुमार के सुपरवाइजर व सहयोगी पंकज कुमार व ठेकेदार योगेंद्र प्रकाश त्यागी के बीच रुपये के लेनदेन का विवाद था। विवाद खत्म कराने के चक्कर में जेई फंस गए। 

Posted By: Narendra Kumar

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