मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। विकास खंड छजलैट क्षेत्र के सादिकपुर खिचडी गांव में बनने वाले माडल बायोगैस प्लांट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। बायोगैस प्लांट के चालू होने से गोशाला बिजली को लेकर आत्मनिर्भर बन जाएगी। इसके सफल होने के बाद अन्य गांवों में भी बायोगैस प्लांट लगाने की योजना है।

सादिकपुर खिचड़ी गांव में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गोशाला की स्थापना कराई है। यहां की गोशाला में 275 पशु हैं। इनकी देखभाल के लिए संरक्षकों की नियुक्ति की गई है। पशुओं के गोबर से बायोगैस प्लांट चलाया जाएगा। बायोगैस प्लांट पर करीब दस लाख रुपये खर्च होने हैं। प्लांट के चालू होने से गोशाला को बाहर से बिजली लेने की जरूरत नहीं रहेगी। इसी प्लांट से गोशाला को बिजली मिलती रहेगी। जरूरत पड़ी तो स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार किसानों से दो रुपये किलो गोबर खरीदकर बायोगैस प्लांट चलाकर बिजली का उत्पादन करेगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा। योजना के तहत प्रदेश के 36 जनपदों में एक-एक बायोगैस प्लांट लगाया जा रहा है। सादिकपुर खिचड़ी गांव में स्थित गोशाला में गोबरधन बायोगैस प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि पशुओं के गोबर और कृषि के अपशिष्टों से बायोगैस बनेगी। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी। सरकार इसे माडल के रूप में बना रही है। प्लांट के लिए डीपीआर तैयार हो गई है। बायोगैस प्लांट का संचालन करने के लिए समिति की गठन होना है। इसके लिए अधिकारियों के नाम तय हो गए हैं। समिति ही प्लांट का संचालन करने वाली एजेंसी तय करने के लिए निविदा निकालेगी। एजेंसी तय होते ही प्लांट के बनाए जाने का काम शुरू होगा।

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Edited By: Narendra Kumar