मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। कचहरी में चेंबर निर्माण को लेकर अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारी के बीच दो दिन पूर्व विवाद हो गया था। इस मामले में अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि नाजिर की ओर से किसी भी अधिवक्ता को नामजद नहीं किया गया है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार को कचहरी पूरी तरह से छावनी में तब्दील रही। दो अक्टूबर के कार्यक्रम में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने एक-दूसरे के कार्यक्रम में प्रतिभाग नहीं किया।

सोमवार को इसी मामले में अधिवक्ताओं ने जनरल हाउस की बैठक बुलाई है। वहीं अधिवक्ताओं की एल्डर कमेटी के सदस्य इस विवाद को खत्म करने के प्रयास में जुट गए हैं। शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित बगिया तिकोना पार्क के पास एक अधिवक्ता के द्वारा चेंबर का निर्माण कराया जा रहा था। उन्होंने इसके लिए न्यायिक अधिकारी से अनुमति के लिए भी अर्जी दी थी। लेकिन, अनुमति नहीं मिली थी।

बिना अनुमति कचहरी में चेंबर निर्माण को लेकर हुआ विवाद

बिना अनुमति चैंबर निर्माण की सूचना मिलने पर जनपद न्यायाधीश व प्रभारी अधिकारी नजारत सुबह करीब 11.30 बजे पुलिस के साथ पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस पर कुछ अधिवक्ता भड़क गए। इसके बाद जैसे ही जनपद न्यायाधीश न्यायालय की ओर जाने लगे तो कुछ अधिवक्ता भी अपशब्दों का प्रयोग करते पीछा करते हुए नारेबाजी करने लगे। न्यायालय परिसर में घुसकर हंगामा शुरू कर दिया। न्यायालय परिसर के दरवाजे पर धक्का मारा और शीशे भी तोड़ दिए।

कचहरी में हंगामे की सूचना पर पहुंच गई थी पांच थानों की फोर्स 

न्यायालय में स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की। इससे घबराकर कर्मचारियों ने चेंबर को अंदर से बंद करके पुलिस को सूचना दी। कचहरी में हंगामे की सूचना पर पांच थानों की फोर्स पहुंच गई। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ भी जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने 7-क्रिमिनल एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। रविवार को अधिवक्ताओ ने कचहरी परिसर में दो अक्टूबर पर कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं की ओर से न्यायिक अधिकारियों का आमंत्रण भेजा गया था लेकिन, दोनों ओर से कोई भी एक-दूसरे के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

विवाद सुलझाने मे जुटी एल्‍डर कमेटी

वहीं कचहरी परिसर दिनभर छावनी में तब्दील रहा। जनपद न्यायधीश के न्यायालय और कक्ष के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती रही। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने पुलिस अफसरों और एल्डर कमेटी के पदाधिकारियों से भी वार्ता की है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई भी निर्णय नहीं हो सका है। वहीं एल्डर कमेटी के पदाधिकारियों को इस विवाद के सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बार काउंसिल को दी गई घटना की जानकारी 

दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के महासचिव राकेश वशिष्‍ठ ने कहा कि एल्‍डर कमेटी के पदाधिकारी इस मामले को लेकर न्यायिक अधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं। हम विवाद को सुलझाना चाहते हैं। घटना की जानकारी बार काउंसिल के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को दी गई है। 

Edited By: Vivek Bajpai

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