मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। सांसद आजम खां के साथ ही उनके करीबियों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने उनकी जौहर ट्रस्ट को चंदा देने वालों को नोटिस जारी किए हैं। सदस्यों से भी ट्रस्ट को मिली धनराशि के बारे में जानकारी की जाएगी।

आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पिछले सवा साल से सीतापुर जेल में बंद हैं। आजम खां के खिलाफ 86 मुकदमे विचाराधीन हैं। 30 मुकदमे मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने से संबंधित हैं। इनमें आजम खां नामजद हुए थे। लेकिन, बाद में पुलिस की विवेचना में उनका पूरा परिवार फंस गया। उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा, बहन निकहत अफलाक और बेटे अब्दुल्ला आजम व अदीब आजम के खिलाफ भी सभी 30 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। दरअसल जौहर यूनिवर्सिटी को मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट संचालित करता है और आजम खां इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी पत्नी सचिव और बहन कोषाध्यक्ष हैं। दोनों बेटे भी सदस्य हैं। जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन भी ट्रस्ट के नाम है, इसलिए पुलिस ने विवेचना में ट्रस्ट के सभी सदस्यों को आरोपित कर दिया है। जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीनें कब्जाने के आरोप में मुकदमे दर्ज होने के बाद ही ईडी ने आजम खां के खिलाफ केस दर्ज किया था। ई़डी में शिकायत दर्ज कराने वाले भाजपा नेता आकाश सक्सेना का कहना है कि जौहर ट्रस्ट को करीब 10 हजार लोगों ने चंदा दिया है। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं, जिन्होने पांच हजार से कम चंदा दिया। लेकिन कई ऐसे भी हैं, जिन्होने 50 लाख से ज्यादा चंदा दिया है। ईडी ने इन लोगों को ही नोटिस जारी किए हैं। इनके जवाब मिलने के बाद ईडी जौहर ट्रस्ट के सदस्यों से भी फंडिंग के बारे में जानकारी करेगी।

Edited By: Narendra Kumar