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एक तरफ राहत, दूसरी तरफ फिर हमला: ठाकुरद्वारा में छठा तेंदुआ पकड़े जाते ही नए तेंदुए का आतंक

Published: Sat, 22 Aug 2026 01:07 PM (IST)

ठाकुरद्वारा में छठा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ, जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली। इसी बीच डिलारी के ...और पढ़ें

ठाकुरद्वारा के गांव सरकड़ा परम में तेंदुए की पिंजरे में कैद किया।

ठाकुरद्वारा के गांव सरकड़ा परम में तेंदुए की पिंजरे में कैद किया।

HighLights

  1. सरकड़ा परम में छठे तेंदुए के पकड़े जाने के बीच कोठा महमूद में नई घटना

  2. एक तेंदुआ डियर पार्क पहुंचा, दूसरे की तलाश में ग्रामीणों ने शुरू की निगरानी

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी से ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को सरकड़ा परम गांव में छठा तेंदुआ पिंजरे में कैद होने से वन विभाग ने राहत की सांस ली, लेकिन इसी दौरान डिलारी क्षेत्र के कोठा महमूद गांव में तेंदुए ने बछड़े को शिकार बनाकर ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ा दी।

एक ओर पिंजरे में कैद तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, वहीं दूसरी ओर नए तेंदुए की तलाश में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेतों और आसपास के इलाकों में घूमते रहे।

सरकड़ा परम गांव में शनिवार को वन विभाग की टीम द्वारा लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की जानकारी मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ को देखकर तेंदुआ पिंजरे के भीतर उग्र होने लगा।

स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम ने पिंजरे को काली पन्नी से ढक दिया, ताकि तेंदुआ शांत रहे और लोगों की भीड़ से उसे किसी तरह का नुकसान न हो। इसके बाद वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित डियर पार्क ले गई।

इधर, डिलारी ब्लाक की ग्राम पंचायत करनपुर के राजस्व ग्राम कोठा महमूद में रात करीब एक बजे तेंदुए ने घेर में बंधे बछड़े पर हमला कर दिया। गांव निवासी महेंद्र सिंह का बछड़ा घेर में बंधा हुआ था। रात में तेंदुआ अचानक वहां पहुंचा और बछड़े को अपना शिकार बना लिया।

करीब दो बजे महेंद्र सिंह की आंख खुली। उन्होंने घर का दरवाजा खोलकर घेर की तरफ देखा तो बछड़ा मृत पड़ा था। बछड़े का पिछला हिस्सा तेंदुआ खा चुका था। बछड़े के शिकार की जानकारी गांव में फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि तेंदुआ लगातार आबादी के आसपास घूम रहा है। अब वह घेर में बंधे पशुओं को भी निशाना बनाने लगा है।

ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसानों और गांव में रहने वाले परिवारों के लिए खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर आसपास के खेतों और रास्तों पर तेंदुए की तलाश भी शुरू कर दी।

लोगों ने वन विभाग से मांग की कि केवल पिंजरा लगाकर औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और उसे जल्द पकड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ पकड़े जाने तक बच्चों, महिलाओं और पशुओं को लेकर डर बना रहेगा।

ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। शनिवार की दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में तेंदुओं की चुनौती को फिर सामने ला दिया। सरकड़ा परम में छठे तेंदुए के पकड़े जाने से जहां वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। कोठा महमूद में बछड़े के शिकार ने साफ कर दिया है कि क्षेत्र में तेंदुओं की सक्रियता अभी खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण अब वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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