मोहसिन पाशा , मुरादाबाद : बदलते दौर में खुद को एडवांस दिखाने की चाह में युवा बाइक चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। दो पहिया वाहन चलाते समय युवा मोबाइल और ईयर फोन का इस्तेमाल करते हुए सड़कों पर खूब दिखाई देते हैं। ये जहां अपनी जान जोखिम में डालते हैं वहीं दूसरों की जान की परवाह भी नहीं करते। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हादसे के शिकार लोगों में 46.3 प्रतिशत लोग 18-35 साल के बीच के युवा होते हैं। हादसों का सबसे बड़ा कारण वाहन चालकों की लापरवाही और वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल है। आंकड़े बताते हैं कि रोजाना देश में 400 से ज्यादा लोगों की सड़क हादसों में मौत हो रही है। मुरादाबाद मंडल में लगातार हादसे हो रहे हैं। सितंबर 2019 तक 931 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इन हादसों में मरने वाले आधे से ज्यादा युवा हैं। वाहन ही नहीं पैदल चलते कान में ईयर फोन और मोबाइल पर बातें करने से भी हादसे हो रहे हैं। पिछले साल दो पहिया वाहन चलाते हुए मोबाइल इस्तेमाल करने के कारण मुरादाबाद मंडल में करीब 50 मौतें हुई हैं। गलत स्पीड ब्रेकर, सड़क पर गड्ढे और निर्माणाधीन सड़कों के चलते रोजाना लोगों की मौत हो रही है।

एक जनवरी से 31 सितंबर 2019 तक हुए हादसों में मरने और घायल होने वालों पर एक नजर

जिला >हादसे> मृतक >घायल

मुरादाबाद >444 >231 >333

रामपुर >276 >161 >184

अमरोहा >238 >146 >147

सम्भल >219 >160 >122

यातायात में सुधार के लिए पूरी कोशिश हो रही है। शनिवार को ही अभियान चलाकर वाहन चलाते समय फोन पर बात करने वालों के चालान कराए गए हैं। यह अभियान जारी रहेगा। - सतीश चंद, एसपी ट्रैफिक, मुरादाबाद

लाइन पार करते समय मोबाइल पर बात कर गंवाई जान

26 अप्रैल 2019 को कांशीराम कॉलोनी के मकान नंबर 701 निवासी मुकेश सागर की बहन मीना हिमगिरी में रहती है। मुकेश की 40 वर्षीय पत्‍नी सपना ननद के घर से लौट रही थी। सपना के कान पर मोबाइल लगा था। बसेरा कॉलोनी के सामने लाइन पार करते समय अचानक ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई।

Posted By: Narendra Kumar

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