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12 उपलब्धियों की बदौलत सुनीता रानी का राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयन, सीएम योगी करेंगे सम्मानित

Published: Tue, 01 Sep 2026 12:57 PM (GMT+05:30)

उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां गौड़ की सहायक अध्यापक सुनीता रानी का चयन उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सुनीता रानी का उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चयन।

  2. 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर लखनऊ में होंगी सम्मानित।

  3. 12 बिंदुओं पर उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण हुआ चयन।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां गौड़ की सहायक अध्यापक सुनीता रानी का चयन हुआ है। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए तय सभी 12 बिंदुओं पर उपलब्धियां उनके चयन का आधार बनीं।

अब पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर लखनऊ में उन्हें इस सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। बुद्धि विहार फेज-2 निवासी सुनीता रानी आठ मार्च 2003 को शिक्षा क्षेत्र से जुड़ीं। 30 अगस्त 2006 से वह उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां गौड़ में सहायक अध्यापक हैं।

सामाजिक विषय की शिक्षक सुनीता रानी ने सम्मान के लिए चयन की जानकारी पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह गौरव का क्षण है। वह बताती हैं कि बच्चों की शिक्षा में कोई कमी न रहे, इसके लिए हमेशा जोर रहा। आज स्कूल में बच्चों की संख्या पहले की अपेक्षा अधिक है। बच्चे विभिन्न गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।

वह बताती हैं कि पति अनूप सिंह भी शिक्षक हैं, जिनकी तैनाती राजकीय हाईस्कूल सेहल में है। पिता किशनलाल भी शिक्षक रह चुके हैं। तीन बेटे अश्वनी कुमार, आशीष व कार्तिक हैं। पुरस्कार के लिए चयनित होने का श्रेय उन्होंने परिवार, साथी शिक्षकों, बच्चों को दिया। शिक्षकों ने भी खुशी व्यक्त की।

सभी 12 बिंदुओं की उपलब्धियां बनी चयन का आधार

  • नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि: 2022-23 में 95 से बढ़कर 2026-27 में 135 विद्यार्थी हुए।
  • नवाचार आधारित शिक्षण: खेल-खेल में शिक्षण, आर्गेनिक खेती, क्राफ्ट, प्रयोगात्मक सामाजिक विज्ञान, मिट्टी की आकृतियां, सिलाई-कढ़ाई और ‘एक दिन-एक विद्यार्थी शिक्षक’ जैसी गतिविधियां। ‘मेरा गांव-मेरी डायरी’ के माध्यम से विद्यार्थियों में स्थानीय परिवेश के प्रति समझ विकसित की गई।
  • तकनीक आधारित शिक्षा: स्मार्ट कक्षा और नक्षत्रशाला के माध्यम से विज्ञान, अंतरिक्ष और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा।
  • एनईपी-2020 के अनुरूप शिक्षा: बाल-केंद्रित, गतिविधि आधारित, कौशल एवं समझ पर आधारित शिक्षण पर जोर।
  • सामुदायिक सहभागिता: बैंक के सहयोग से सोलर पैनल और पंखे उपलब्ध कराए गए तथा जरूरतमंद परिवारों की सहायता की गई।
  • बालिका शिक्षा एवं जागरूकता: स्कूल चलो अभियान, ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी और अभिभावक जागरूकता कार्यक्रम संचालित।
  • समावेशी शिक्षा: दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और शिक्षण में समान अवसर।
  • खेलों में शानदार उपलब्धियां: 2025-26 में राज्य स्तर पर चार स्वर्ण, दो रजत व दो कांस्य तथा मंडल स्तर पर 12 स्वर्ण, चार रजत व तीन कांस्य पदक। छात्रा दिव्या ने राष्ट्रीय स्तर की स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
  • मीना मंच के माध्यम से छात्राओं को नेतृत्व एवं प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर: छात्रा सारा बी. ने मंडल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तर पर सम्मान हासिल किया।
  • पर्यावरण संरक्षण: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण।
  • भौतिक परिवेश में सुधार: 19 पैरामीटर संतृप्त करने पर विद्यालय को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया।
  • पोषण एवं जैविक खेती: विद्यालय में ऑर्गेनिक सब्जियों और मशरूम की खेती; रसोइया ने जिला स्तरीय एमडीएम प्रतियोगिता में सफलता हासिल की।