रामपुर (भास्कर ङ्क्षसह)। कोरोना को हराने के लिए चिकित्सक और स्टाफ अपनी जान की परवाह किए बिना रात-दिन ड्यूटी कर रहे हैं। जिले में भी कई चिकित्सक और स्टाफ अपना घर-परिवार छोड़कर कोरोना के खिलाफ जंग में अपना सहयोग दे रहे हैं। इनमें जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स सरिता शुक्ला का ड्यूटी के प्रति जज्बा दूसरों के लिए मिसाल है। फरवरी माह में उनकी शादी हुई थी। नई ङ्क्षजदगी की शुरुआत हुई और  ससुराल को छोड़कर ड्यूटी पर पहुंच गईं। अभी तक वह लगातार ड्यूटी कर रही हैं। उनके जज्बे को देख पति और ससुराली भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। वह फोन पर उनसे बात करती हैं। वह कहती हैं कि अभी मेरी जरूरत सबसे ज्यादा यहां है। जब स्थिति सामान्य हो जाएगी, तब ससुराल जाएंगी। 

चार दिन ही रह पाईं ससुराल

वर्ष 2016 से जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स सरिता शुक्ला मूल रूप से लखीमपुर खीरी जनपद के गोला गोकर्णनाथ की रहने वाली हैं। 26 फरवरी 2020 को वह लखीमपुर खीरी के ही पीयूष अवस्थी के साथ परिणय सूत्र में बंधी थीं। वह बताती हैं कि शादी के बाद चार दिन ही ससुराल रहीं। इसके बाद पहली होली मायके में मनाने के लिए आ गई थीं। होली के बाद ही देश में कोरोना संकट आ गया। ड्यूटी के लिए कॉल आ गई। इस पर वह 16 मार्च को रामपुर पहुंच गईं। उनकी ड्यूटी जिला अस्पताल में बने कोरोना वार्ड में लगाई गई। तब से वह लगातार ड्यूटी कर रही हैं। उनके पति गाजियाबाद में रहते हैं और किसी निजी कंपनी में डिजिटल मार्केङ्क्षटग ऑफिसर हैं। वह बताती हैं कि पति पूरा सपोर्ट करते हैं। ससुराल में सभी से फोन पर बात होती है। वे सभी हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस