रामपुर, (मुस्लेमीन)। UP Assembly Election 2022 : समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता सांसद आजम खां पौने दो साल से सीतापुर जेल में बंद हैं। इसके बावजूद पार्टी में उनका दबदबा कायम है। इसीलिए सपा का टिकट पाने के लिए तमाम नेता सीतापुर जेल के चक्कर लगा रहे हैं। विधानसभा चुनाव करीब हैं। लेकिन, आजम खां 26 फरवरी 2020 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ 87 मुकदमे अदालतों में विचाराधीन हैं। उनके साथ ही उनकी पत्नी शहर विधायक डाक्टर तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम भी जेल गए थे। शहर विधायक तो 10 माह बाद जमानत पर छूट गई थीं, किंतु आजम खां और अब्दुल्ला अभी तक नहीं छूट पाए हैं।

आजम खां भले ही जेल में हैं, लेकिन रामपुर में सपा की राजनीति उनके इर्दगिर्द ही घूम रही है। पार्टी के नेता सीतापुर जेल जाकर आजम खां से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी राय से ही संगठन को चला रहे हैं। पिछले दिनों आजम खां के करीबी वीरेंद्र गोयल को जिलाध्यक्ष बनाया गया। वह अध्यक्ष बनते ही आजम खां के घर पहुंचे और उनकी पत्नी डा. तजीन फात्मा से आशीर्वाद लिया। हाल ही में दो बड़े नेता सपा में शामिल हुए हैं। ये दोनों ही टिकट पाने के लिए प्रयासरत हैं। इन्होंने भी पहले सीतापुर जेल जाकर आजम खां से मुलाकात की।

फिर आजम खां के घर पहुंचकर उनकी पत्नी शहर विधायक से मिले। इसके बाद ही पार्टी में शामिल हुए। इनमें सबसे पहले जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अमरीश पटेल शामिल हुए। वह बसपा के टिकट पर बिलासपुर सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। लेकिन, पिछले काफी दिन से भाजपा में थे। उनकी पत्नी अंजू पटेल जिला पंचायत सदस्य हैं। वह भी सपा में शामिल हो गई हैं। राधे श्याम राही तो तीन बार मिलक सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वह भी सपा में शामिल हो गए हैं। दोनों ने ही पहले आजम खां से मुलाकात की। इनके अलावा और भी कई नेता मिले हैं। रामपुर से रोज सपा नेता सीतापुर जेल जा रहे हैं। जिले की पांचों सीटों पर कई-कई नेता टिकट की लाइन में लगे हैं।

आजम खां हैं हमारे नेताः राधे श्याम राही का कहना है आजम खां हमारे नेता हैं। हमने उनसे मुलाकात करने के बाद ही सपा ज्वाइन की है। वह हम पर भरोसा कर टिकट देंगे तो हम पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे। अमरीश पटेल कहते हैं कि दो बार मुलाकात हो गई है। उनसे मुलाकात कर ही पार्टी में ही शामिल हुए हैं। वह टिकट दिलवाएंगे तो पूरे दमखम से चुनाव लड़ेंगे।सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल कहते हैं कि सांसद आजम खां भले ही जेल में हैं, लेकिन उन्हें रामपुर के कार्यकर्ताओं और संगठन की पूरी चिंता है। हम उनके सलाह मशविरे से ही संगठन को मजबूत बनाने में लगे हैं। चुनावी रणनीति भी उनकी सलाह से ही बनेगी। उम्मीद है कि वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे।

Edited By: Samanvay Pandey