मुरादाबाद, जेएनएन। धोखाधड़ी के मामले में फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा आकर बयान दर्ज कराकर दिल्ली लौट गईं। उनके साथ आए भाई कुश ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। सोनाक्षी के अधिवक्ता मुनेश प्रेम का कहना कि वादी प्रमोद शर्मा इंडिया फैशन एंड ब्यूटी अवार्ड नाम से इवेंट कंपनी चलाते हैं। प्रमोद ने सोनाक्षी जैसी बड़ी अभिनेत्री को बदनाम करने की साजिश रची है। हम फिर भी उसकी रकम वापस करने को तैयार हैं लेकिन, इसके लिए उन्हें कोर्ट में माफी मांगनी होगी।

सोनाक्षी सिन्हा अपनी टीम के साथ प्रेमवंडर लैंड स्थित एक  होटल पहुंचीं। दस दिन पहले कोतवाली कटघर के वरिष्ठ उप निरीक्षक अजय पाल सिंह ने सोनाक्षी और उनकी पर्सनल सेक्रेटरी को नोटिस भेजकर बयान देने के लिए बुलाया था। उनके खिलाफ यहां धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। सोनाक्षी ने लिखित में अपना बयान दिया। विवेचक के मुताबिक सोनाक्षी ने बयान में कहा है कि दिल्ली के शो में आने के लिए 24 लाख रुपये प्लस जीएसटी में उनका एग्रीमेंट हुआ था। एग्रीमेंट के मुताबिक उन्हें 28 लाख 32 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था लेकिन, आयोजकों ने 1.90 लाख कम दिए। पेमेंट भी शर्तों के मुताबिक निर्धारित तिथि में नहीं मिला। एयर टिकट बुक कराकर नहीं भेजे गए। एयर टिकट नहीं कराने पर उन्हें एयरपोर्ट से लौटना पड़ा। स्टाफ को अलग से पैसा दिया जाता है, वह भी नहीं मिला। आयोजकों ने उनके ठहरने की भी कोई व्यवस्था नहीं की थी। 

मैं क्यों सोनाक्षी से माफी मांगूू  

सोनाक्षी समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखवाने वाले प्रमोद शर्मा का कहना है कि मैं क्यों माफी मांगूं। पहले तो सोनाक्षी और उनकी टीम के लोग रकम लेने की बात ही नहीं स्वीकार कर रहे थे। कम से कम अब स्वीकार तो किया। प्रोग्राम रद होने के बाद मेरी लोगों ने जो पिटाई की, उसका हर्जाना कोई दे सकता है क्या? मेरी कितनी बदनामी हुई। यह सोचा किसी ने। मैंने कार्यक्रम के दिन के सुबह 10 बजे के एयर टिकट बनवा भेजे थे। इसके बाद उनका समय बदल दिया गया। यह उनके न आने का बहाना था। स्टाफ के नाम से मुझसे साढ़े तीन लाख रुपये लिए गए लेकिन, उसकी कोई रसीद नहीं दी गई। इसका सुबूत है मेरे पास। सोनाक्षी को आना ही नहीं था तो पैसा क्यों लिए।    

विवेचक ने परिवार के साथ खिंचाए फोटो

वादी प्रमोद शर्मा का कहना है कि सोनाक्षी सिन्हा के मामले की विवेचना कर रहे कटघर थाने के एसएसआइ अजय पाल सिंह अपने परिवार के साथ फोटो खिंचवा रहे थे। ऐसे में उनसे निष्पक्ष विवेचना की क्या उम्मीद की जा सकती है। 

सोनाक्षी को ब्लैकमेल करने को लिखाया मुकदमा

अधिवक्ता मुनेश प्रेम का कहना है कि इंडियन एग्रीमेंट एक्ट 1872 के तहत इस मामले में मुकदमा दर्ज ही नहीं होना चाहिए था। यह मामला तो सिविल का है। सोनाक्षी को ब्लैकमेल करने के इरादे से पुलिस को गुमराह करके मुकदमा लिखवाया गया है। 

Posted By: Narendra Kumar

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