मुरादाबाद, जेएनएन। एक अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए एसएनसीयू बाल रोग विशेषज्ञ के बजाय अनट्रेंड स्टाफ चला रहे थे। अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। सभी का डाटा जुटाया जा रहा है। वहींं एक अन्य एक क्लीनिक को भी 24 घंटे में बंद करने के आदेश दिए गए हैं। अस्पताल संचालकों के खिलाफ मझोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग की टीम इन दिनों सक्रिय है। क्लीनिक और नर्सिंग होम की लगातार चेकिंग की जा रही है। शुक्रवार को चार अस्पतालों पर कार्रवाई की गई थी। अब बुधवार को भी दो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। करूले की पुलिया स्थित गिली हेल्थ केयर में डॉ. मुहम्मद सायबान के नाम से अस्पताल का पंजीयन था। यहां पर नियमों के खिलाफ आपरेशन थियेटर और एसएनसीयू में छह नवजात भर्ती थे। छह महिलाओं की सर्जरी की गई थी। मौके पर ही डॉक्टर का पंजीयन निरस्त करने के आदेश दिए गए। यहां कोविड-19 हेल्प डेस्क नहीं थी। एसएनसीयू में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं थे। डी-फार्मा करने वाले दो युवक मिले। बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर संचालित था। मौके पर डॉक्टर नहीं थे। उन्हें फोन करके बुलाया गया था। बीयूएमएस महिला डॉक्टर से सर्जरी कराई जा रही थी। बीयूएमएस ओपीडी छोड़कर बाकी अस्पताल बंद करने के 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं केजीएन नर्सिंग होम इस्लाम नगर करूला में पांच मरीज भर्ती थे और डॉक्टर का परिवार भी वहीं था। बाकी बिल्डिंंग में किराएदार दिखाकर मरीज भर्ती किए गए थे। डॉक्टर समेत चारों किराएदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार प्रेमी ने बताया कि कोरोना काल में नियमों का पालन जरूरी है। अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्या बोले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी

मरीजों की जिंंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से किसी अस्पताल को चलने नहीं देंगे। स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

-डॉ. एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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