मुरादाबाद, जेएनएन। प्रदूषित हवा की मार शहरवासी झेलने को मजबूर हैं, लगातार प्रदूषित शहरों की सूची में शहर का नाम दर्ज किया जा रहा है। रविवार को मौसम अच्छा रहा। धूप भी खिली तो साथ में हवा भी चल रही थी, जो प्रदूषण को दूर रखने में सहायक परिस्थितियां हैं। इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर अभी खतरनाक स्थिति में बना हुआ है। इसका कारण पीएम-2.5 और पीएम-10 में वृद्धि होना है।

बीते दो दिन की अपेक्षा रविवार को शहर की हवा के गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) में बढ़ोतरी दर्ज की गई। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शाम छह बजकर 36 मिनट के बुलेटिन के मुताबिक शहर का एक्यूआइ 272 दर्ज किया गया।

आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदूषित शहरों की सूची में शहर 16वें नंबर पर रहा। वहीं पानीपत देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, उसका एक्यूआइ चार सौ के करीब 395 दर्ज किया गया। बीते दो दिन शहर का एक्यूआइ ढाई सौ के आसपास दर्ज किया गया था। वहीं शनिवार की शाम छह बजे के करीब एक्यूआइ 246 दर्ज किया गया था। ऐसे में हवा में बढ़ता प्रदूषण का स्तर शहरवासियों के लिए एक बार फिर चिंता का विषय बनता जा रहा है।

मुरादाबाद की भट्ठियां कर रहीं परेशान

मुरादाबाद में धातु का कार्य होने के कारण पीएम-2.5 और पीएम-10 की स्थिति खराब रहती है। सुधार के लिए प्रयास करने के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलती। इसके साथ ही धातुओं को गलाने के लिए चल रही भट्ठियां भी प्रदूषण बढ़ाने का कारण हैं। धातु का कार्य भी रोका नहीं जा सकता है, लेकिन उसे नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएं तो स्थिति में सुधार जरूर किया जा सकता है। वहीं चोरी-छिपे जलाए जा रहे ई-कचरे के कारण भी प्रदूषण के स्तर में गिरावट नहीं आ पा रही है।

पीएम-2.5 --- 104

पीएम-10 ---- 227

नाइट्रोजन ---- 70

कार्बनडाईआक्साइड 1630

सल्फरडाईआक्साइड 16

देश के टॉप छह प्रदूषित शहरों की सूची पर नजर :

शहर एक्यूआइ

1-पानीपत 395

2-गाजियाबाद 374

3-नोएडा 353

4-ग्रेटर नोएडा 347

5-मेरठ 328

5-कुरुक्षेत्र 328

6-दिल्ली 325

नोट ::: केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण (सीपीसीबी) के शाम छह बजकर 36 मिनट के बुलेटिन के मुताबिक। 

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