मुरादाबाद, जेएनएन। बुधवार को लखनऊ पैथलैब से 198 लोगों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली है। इसमें 187 निगेटिव और छह पॉजिटिव आए हैं। इसके अलावा दो रिपीट पॉजिटिव हैं। इनमें एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का सफाई कर्मचारी और एक एआरओ है। सुबह में सफाई कर्मचारी ने ऊपर से नीचे तक सभी कक्षों की सफाई भी की थी। रिपोर्ट आने के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया और सभी कर्मचारी अपने-अपने कक्षों को छोड़कर भाग निकले। वहीं दो पुलिस कर्मी और दो श्रमिक भी पॉजिटिव हैं।

70 दिन बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के चेहरों पर कोरोना वायरस की दहशत दिखाई दे रही है। अभी तक शहर और आसपास के गांव में कोरोना पॉजिटिव केस निकल रहे थे तो कर्मचारी आराम से विभाग का काम भी कर रहे थे। सीएमओ कार्यालय में आने वाले लोगों की न तो थर्मल स्क्रीनिग की गई और न ही सैनिटाइजर लगाया गया। खर्च बचाने की फिक्र में विभागीय अधिकारियों ने नमूने सील करने वालों को पीपीई किट तक उपलब्ध नहीं कराई, जिसका नतीजा सबके सामने है। अब स्वास्थ्य विभाग का हर कर्मचारी डरा सहमा हुआ है। कहां से कोरोना संक्रमण के शिकार होंगे कुछ पता नहीं है। बुधवार की रिपोर्ट मिलने के बाद हर एक के चेहरे पर दहशत नजर आ रही है। पॉजिटिव आने वालों में दो पुलिसकर्मी हैं। इनमें एक थाना नागफनी का है और एक टीएमयू कैंपस में डयूटी कर रहा था। लखीमपुर खीरी और सिरसखेड़ा का रहने वाला श्रमिक भी कोरोना पॉजिटिव आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि बुधवार को छह नए पॉजिटिव केस आए हैं। इसके अलावा दो रिपीट पॉजिटिव हैं। 187 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी को क्वारंटाइन करा दिया गया है।

Posted By: Jagran

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