सम्भल (राघवेंद्र शुक्ल)। कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने इस बार बड़ा खेल खेला। सम्भल तहसील के तकरीबन 20 फीसद कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने किसानों की बिना सहमति के ही उनके आलू के कट्टे बेच डाले। एक अनुमान के मुताबिक 25 फीसद कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने तकरीबन 1.5 लाख कट्टे आलू की बिक्री 400 से 425 रुपये की दर से कर दी है यानी तकरीबन छह करोड़ रुपये का आलू बेचकर संचालक मौज में हैं जबकि, किसान खुद को लुटा पिटा सा महसूस कर रहा हैं। 

यह है मामला

पिछले साल आलू ने किसानों को रुलाया था। अचानक से आलू के रेट गिरने के कारण कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू वहां के संचालकों के लिए मुसीबत बन गया था। आलू का रेट नहीं था। कहीं सौ रुपये का पचास किलो का कटटा था तो कहीं सवा सौ रुपये का। ऐसे में किसान आलू लेने आया नहीं और कोल्ड स्टोरेज मालिकों को पुराना माल हटाकर नया रखना था। नतीजतन आलू फेंका गया। इस बार भी पहले की भांति स्थिति होने वाली थी। अगस्त माह के आखिरी में अचानक से आलू के रेट में बढ़ोतरी हो गई। सितंबर में यह रेट 500 पार कर गया। ऐसे में किसान अब कोल्ड स्टोरेज पहुंचा तो पता चला कि उनका आलू तो पहले ही बिक चुका है। मुरादाबाद रोड और जोया रोड स्थित कुछ कोल्ड स्टोरेज वालों ने अकेले ही 40 से 50 हजार कट्टे बिना किसानों की सहमति के ही बेच दिए। एक कोल्ड स्टोरेज मालिक ने तो अपने यहां रखे पूरे के पूरे आलू के कट्टे ही बेच दिए। उस आलू की कीमत तकरीबन सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसी प्रकार कुछ ऐसे कोल्ड स्टोरेज मालिक हैं जिन्होंने आठ से 15 हजार कट्टे तक बेचे हैं। यह आलू 400 से 425 रुपये के रेट में बेचे गए हैं जबकि, सम्भल तहसील से अकेले तकरीबन 1.5 लाख आलू के कट्टे बेचे गए हैं। 

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई 

कोल्ड स्टोरेज से आलू गायब होने की कोई जानकारी नहीं है। यदि कोई किसान लिखित में शिकायत करता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

-सुबर सिंह,  जिला उद्यान अधिकारी 

 

Posted By: Narendra Kumar

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