मुरादाबाद । बहन की बरात में तमाशा देख रहे भाई पर छज्जा गिरने से मौत हो गई। गमगीन माहौल में पहले बेटी को विदा करने के बाद बेटे का अंतिम संस्कार किया। ऐसे में हर ग्रामीण की आंखों में आंसू थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद जैसे ही किसान के बेटे की अर्थी उठी पूरा गांव रोने लगा।

कोतवाली के ग्राम नयागांव बहादुर नगर निवासी किसान मंगलू सिंह ने अपनी बेटी हरनंदी का विवाह जनपद बिजनौर के स्योहारा के ग्राम मुकरपुरी में नरेश कुमार से किया था। मंगलू सिंह की नवासी मोहिनी ननिहाल में ही रहती थी। शुक्रवार को मोहनी की जनपद बिजनौर के ग्राम सिपाहियोवाला से बरात आई थी। शादी समारोह में पिता नरेश कुमार, भाई सूरज समेत सभी परिजन नया गांव बहादुर नगर आए थे। दोपहर के वक्त बरात की चढ़त हो रही थी। बैंडबाजे की धुन पर बाराती झूम रहे थे। इस बीच मोहनी का भाई सूरज भी नाना के पड़ोसी के घर के सामने खड़ा होकर बरात चढ़त देखने लगा। इस बीच अचानक दरवाजे के उपर बना छज्जा भरभराकर 10 वर्षीय सूरज पर गिर गया। सूरज के सिर में गंभीर चोट आने पर अत्यधिक रक्तस्राव हो गया। इससे उसकी पर मौके पर ही मौत हो गई। फिर भी परिजन उसको नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने सूरज को मृत घोषित कर दिया। गांव में परिजनों ने परिवार की महिलाओं को मरने की सूचना दिए बिना दुल्हन को विदा कर दिया। शव को ठाकुरद्वारा से सीधे मुकरपुर ले जाया गया, जहां बेटी की विदाई के बाद माता-पिता के साथ ही परिवार के सदस्य भी मुकरपुर चले गए। गमगीन माहौल में सूरज का अंतिम संस्कार कर दिया।

डीजे की आवाज में दब गईं सूरज की चीख

नयागांव बहादुर नगर में शादी की खुशियां पल भर में मातम में में बदल गईं। दावत के बाद बरात चढ़त हो रही थी। डीजे की धुन पर बरातियों के साथ घराती भी डांस कर रहे थे। बरात मंगलू के घर के दरवाजे पर पहुंच चुकी थी। इसी बीच छज्जा गिर गया। उनकी चीख डीजे की आवाज में दब गई। हादसे की जानकारी अचानक बारात में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। खून से लहूलुहान मोहनी का दस वर्षीय भाई सूरज बेसुध पड़ा था। परिजनों ने संयम से काम लिया, तुरंत सूरज को उठाकर सरकारी अस्पताल ले गए, वहां मौत हो गई। ग्राम प्रधान पति सीपी सिंह के अनुसार पूरे गांव को हादसे का दुख है।

Posted By: Narendra Kumar

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