मुरादाबाद(जेएनएन)।गोकशी में भारी मुनाफा मांस कारोबारी ही नहीं, हिंदू बेरोजगारों की संलिप्तता का सबब बनता जा रहा है। गो तस्कर पुलिस से बचाव के लिए भारी लालच देकर इस्तेमाल कर रहे हैं। शानिवार को गिरफ्तार जसपाल की संलिप्तता से भी यही खुलासा हुआ। कोतवाली के ग्राम शरीफ नगर में गोकशी में गिरफ्तार जसपाल पुत्र फु ल्लू का नाम शनिवार को चर्चा का विषय रहा। कोतवाल मनोज कुमार के अनुसार पुलिस रास्ते में गोवंशीय पशु को लेकर निगरानी करती है। ऐसे में गो तस्करों ने पुलिस की निगाह से बचने के लिए हिंदू बेरोजगारों को लालच देकर इस्तेमाल करने का फार्मूला अपनाना प्रारंभ कर दिया है। उसको किसान के घर से वध स्थल तक पहुंचाने के लिए लालच दिया जाता है। बेरोजगार आसानी से गो तस्करों के लिए कार्य करने लगते हैं। गिरफतार जसपाल ने भी पूछताछ में बताया कि उसको जंगल में गोवंशीय पशु पहुंचाने के लिए पांच सौ रुपये दिया जाता था।

बुलंदशहर हिंसा के बाद भी नहीं रुकी गोकशी 

मुरादाबाद: बुलंदशहर हिंसा के बाद भी गोकशी नहीं रुक रही हैं, जबकि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्ती बरत रहा है। बुलंदशहर में गोहत्या को लेकर बवाल में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित कुमार नामक युवक की हत्या के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी ओपी सिंह हर कीमत पर गोवध रोकने का फरमान जारी कर चुके हैं। गोकशी पर जनपद के डीएम और पुलिस कप्तान पर भी कार्रवाई का अल्टीमेटम जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद गो तस्कर बाज नहीं आ रहे हैं। थाना डिलारी के ग्राम शुमालखेड़ा में कल पुलिस ने शकील अहमद पुत्र अहमद हसन के घर गोवंशीय मांस पकड़ा था। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी फरार हो गया था। शनिवार को कोतवाली पुलिस ने शरीफ नगर में तीन लोगों को गोकशी करते पकड़ा है।

यह है गोवंशीय पशु का पूरा मामला

ठाकुरद्वारा पुलिस ने शरीफ नगर के जंगल से गोवंशीय पशु का वध करते तीन लोगों को पकड़ा है। उनके कब्जे से छुरी और कुल्हाड़ी बरामद कर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया। पुलिस टीम को बीती रात सूचना मिली कि शरीफ नगर की आबादी के बाहर मंजूदेवी इंटर कालेज के पीछे जंगल में गोवंशीय पशु का वध किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा तो तीन लोग पशु को रस्सी में बांधकर वध करने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस को देखकर रस्सी में बंधे पशु को छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने घेरकर तीनों को लोगों को पकड़ लिया जिन्होंने पूछताछ में अपना नाम मोहम्मद वसीम, मुस्तकीम उर्फ भूरा पुत्रगण जाने आलम और जसपाल पुत्र फुल्लू निवासीगण शरीफ नगर बताया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर रस्सी में बंधे बछड़े को मुक्त कराया। उनके पास से छुरी और कुल्हाड़ी बरामद की है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है। पुलिस टीम में एसआई मेघराज सिंह, लाजपत सिंह, संजीव कुमार धामा, जितेंद्र सिंह शामिल थे।

अब गो तस्करों पर निगरानी करेंगे चौकीदार 

सीएम और डीजीपी की चेतावनी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। गोवध रोकने के लिए चौकीदारों की भी मदद ली जाएगी। कोतवाली में पिछले तीन वर्षों में गोवध के अभियुक्तों को बुलाया गया। कोतवाल मनोज कुमार ने गोवध के अभियुक्तों को चेतावनी के साथ ही डोजियर फार्म भरवाकर आधार कार्ड भी जमा किए। इसके साथ ही उनके वाहनों का ब्यौरा भी जुटाया। भविष्य में गोकशी में पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके साथ ही नगर से लेकर गांवों के चौकीदारों से भी रूबरू कराया। चौकीदारों को मांस कारोबारियों पर निगाह रखने का निर्देश दिया है। संदिग्ध हालत में मिलने पर पुलिस को सूचना देने की नसीहत की है।  

Posted By: Rashid

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