पैसा लगाएं या रोकें: शेयर बाजार, सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा फेरबदल, विशेषज्ञों ने दी ये 'गोल्डन' सलाह
शेयर बाजार और सोना-चांदी में भारी उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। विदेशी ब्याज दरों और कच्चे तेल की अस्थिरता मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों ने पोर्टफोलियो में विविधता लाने, जल्दबाजी से बचने और स्थिति साफ होने तक इंतजार करने की सलाह दी है। लंबी अवधि के लिए मजबूत शेयरों में निवेश का मौका है।
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प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शेयर बाजार में चल रहे उतार–चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर घरेलू और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते सेंसेक्स और निफ्टी कभी तेजी दिखा रहे हैं, तो कभी गिरावट का दबाव नजर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना–चांदी के दाम भी लगातार हलचल के दौर से गुजर रहे हैं।
ऐसी स्थिति में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल खड़ा है कि अभी खरीदारी की जाए या इंतजार किया जाए। कुछ निवेशक स्थिरता के इंतजार में हैं। शहर के विशेषज्ञों की मानें तो अभी बाजार पर नजर रखने की जरूरत है। स्थिति साफ होने के बाद ही निवेश करना बेहतर रहेगा। नहीं तो कई चीजों में निवेश करना बेहतर है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं शेयर बाजार विशेषज्ञ अभिनव अग्रवाल के अनुसार, मौजूदा उतार–चढ़ाव कई आर्थिक कारणों से जुड़ा है। विदेशी बाजाराें में ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों की उथल–पुथल और वैश्विक राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। इससे रोजाना बाजार की चाल तेजी से बदल रही है।
हालांकि, विश्लेषक यह भी मानते हैं कि मजबूत कंपनियों के शेयरों में गिरावट के दौरान निवेश का मौका भी बनता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह उतार–चढ़ाव सामान्य माना जा रहा है, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं, सोना–चांदी के बाजार में भी हलचल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के बढ़ने से निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों में दिलचस्पी बढ़ी है, जिससे सोने की कीमतें कई दिनों से ऊपरी स्तरों पर चल रही हैं। चांदी में भी इसी तरह की गति देखी जा रही है। हालांकि, बीच–बीच में मुनाफा वसूली की वजह से हल्की गिरावट भी दर्ज होती है, लेकिन समग्र रूप से कीमतों में मजबूती बनी है।
सराफा कारोबारी अमित गुप्ता के अनुसार, आने वाले हफ्तों में कीमतें स्थिर रहने की संभावना कम है, क्योंकि त्योहारी और विवाह सीजन का असर अभी भी बाजार पर बना है। निवेश सलाहकार अंतरिक्ष अग्रवाल के अनुसार, मौजूदा समय में निवेशकों को जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश करते समय पोर्टफोलियो को विविधता देना महत्वपूर्ण है, ताकि जोखिम कम किया जा सके।
चार्टर्ड अकाउंटेंट गर्वित अग्रवाल के अनुसार, सोना–चांदी में खरीद करने वाले लोग बजट के अनुसार चरणबद्ध निवेश अपनाएं, क्योंकि कीमतों में उतार–चढ़ाव बना रह सकता है। कुल मिलाकर, दोनों बाजार की स्थिति अभी अस्थिर है और स्थिरता आने में कुछ समय लग सकता है। आर्थिक संकेतकों में सुधार या वैश्विक हालात स्थिर होने पर बाजार अपनी मजबूत दिशा पकड़ सकता है। तब तक निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सोच–समझकर कदम बढ़ाने की जरूरत है।

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