मुरादाबाद, जेएनएन। बिहार के किशनगंज में रहने वाले मजदूर की सात साल की बेटी स्टेशन के पास से लापता हो गई। पुलिस ने शक के आधार पर मूंढापांडे के रिक्शा चालक को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है लेकिन, बच्ची का अभी तक पता नहीं लगा है।

जनपद किशनगंज के ग्राम शाहपुर निवासी मुहम्मद इरशाद रेलवे स्टेशन पर मजदूरी करता है। लॉकडाउन से एक दिन पहले उसकी पत्नी शकीला अपनी सात साल की बेटी अफसाना को लेकर पति से खर्च के लिए रुपये लेने आई थी। लॉकडाउन की वजह से यहीं फंस गईं और स्टेशन के पास ही एक क्वार्टर में रहने लगीं। इरशाद ने बताया कि उसकी टांग में चोट लगी है। वह बुधवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपनी पत्नी के साथ डॉक्टर से दवा लेने गया था। बच्ची को कॉलोनी के गेट पर ही बैठा छोड़ गया था। डॉक्टर के पास से लौटकर आए तो बेटी गायब थी। हमने आसपास के लोगों से बेटी के बारे में जानकारी की लेकिन, कोई पता नहीं लगा। पीड़ित ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी है। इरशाद के साथ कॉलोनी के लोग भी बच्ची की तलाश करा रहे हैं लेकिन, अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने मूंढापांडे के रहने वाले रिक्शा चालक राजवीर सिंह को हिरासत में ले लिया है। वह अक्सर कॉलोनी के गेट पर भी रिक्शा खड़ा करता था। प्रभारी निरीक्षक शक्ति सिंह ने बताया कि अफसाना की तलाश कराई जा रही है। आसपास के थानों को भी उसकी फोटो भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही उसके बारे में कुछ पता लगेगा। खुदा मेरी बेटी की हिफाजत करना

-इकलौती बेटी के लापता हो जाने की वजह से शकीला सदमे में है। उसने कहा कि मुझे मुरादाबाद आकर बहुत गहरा सदमा लगा है। मुझे क्या पता था, मेरी बेटी लापता हो जाएगी। उसका कहना है कि पता नहीं उसकी बेटी किन हालात में होगी। वह खुदा से अपनी बेटी की सलामती की दुआ कर रही है।

Posted By: Jagran

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