मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। सादे ड्रेस में ट्रेनों से कांवडिया हरिद्वार पहुंच रहे हैं और थैले में गंगाजल की बोतल को लेकर ट्रेन से वापस चल देते हैं। उत्तराखंड प्रशासन स्टेशन से बाहर निकलते ही यात्रियों से कोरोना की जांच रिपोर्ट मांग रहा है।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। उत्तराखंड सरकार की सख्‍ती के बाद रेलवे प्रशासन एसएमएस भेजकर व अन्य तरीके से यात्रियों को जानकारी दे रहा है। अन्य यात्रियों को हरिद्वार जाने पर 72 घंटे पहले कोरोना की जांच रिपोर्ट लेकर जाना अनिवार्य कर दिया है। हरिद्वार स्टेशन के प्लेटफार्म के बाहर उत्तराखंड सरकार को स्थान उपलब्ध कराया गया है। यहां ट्रेन से आने वाले यात्रियों की कोरोना की जांच रिपोर्ट चेक की जाती है। ऐसे हालात में शिव भक्तों ने भगवान शंकर को हरिद्वार का गंगाजल चढ़ाने का नया तरीका खोज लिया है। कांवड़‍िये अपना परंपरागत ड्रेस पहनने के स्थान पर सादा कपड़ा पहन लेते हैं। कांवड अपने साथ नहीं ले जाते हैं। कंफर्म टिकट व कोरोना की जांच रिपोर्ट लेकर चलते हैं। ज‍िससे कोई रोकता नहीं हैं, इसके बाद वे गंगा जल को बोतल में भरने के बाद उसे थैले में रखकर ट्रेन से वापस लौट आते हैं। जिसके पास कोरोना की जांच रिपोर्ट नहीं होती है, वैसे यात्रियों को बस द्वारा उत्तराखंड सीमा के बाहर ले जाकर छोड़ देते हैं। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन ने बताया कि हरिद्वार जाने वाली बसों में सामान्य दिनों की तरह यात्री चल रहे हैं। उत्तराखंड की सीमा पर यात्रियों की जांच नहीं की जा रही है। हरिद्वार बस अड्डे पर राज्य सरकार द्वारा बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है। मंडल वाणिज्य प्रबंधक गौरव दीक्षित ने बताया कि हरिद्वार जाने वाली ट्रेनों में कोई विशेष भीड़ नहीं है। ट्रेन में कांवड़ लेकर कोई नहीं चल रहा है। गंगा स्नान करने वाले कुछ यात्री ट्रेन में चलते हैं। 

Edited By: Narendra Kumar