Sambhal Sanskarshala 2022 : संभल के आदमपुर के जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक डॉ. गौरव मिश्रा का कहना है कि आज प्रमुख रूप से चर्चा का विषय है कि इंटरनेट उपयोगी है या अनुपयोगी। यह विचारणीय प्रश्न है मनुष्य जैसे जैसे प्रकृति की ओर उन्मुख हुआ और उसके ज्ञान की पिपासा बढ़ती गई वह नित्य नई-नई खोजें करता गया।

इंटरनेट आज जीवन का हिस्सा बन गया है

इसी क्रम में संचार माध्यम में क्रांति आई नई खोज हुई “इंटरनेट” की। जिसके प्रयोग द्वारा जीवन के हर क्षेत्र में ही बदलाव आ गया और मनुष्य जाति वहां पहुंच गई कि इंटरनेट उसके जीवन का हिस्सा बन गया। गत वर्षों में पूरा विश्व कोरोना नामक महात्रासदी की चपेट में आ गया और मनुष्य के जीवन की रफ्तार एकदम थम गई, लेकिन इस त्रासदी में यदि सबसे ज्यादा जिसने मनुष्य की सेवा की वह था “इंटरनेट”।

सकारात्मक परिणाम भी मिले

हालांकि जीवन के सभी पहलू कोरोना से प्रभावित थे लेकिन बच्चों की शिक्षा के सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। जिसमें सभी सरकारों ने इंटरनेट को माध्यम बना आनलाइन शिक्षा प्रणाली की ओर ध्यान देना शुरू किया। इसके सकारात्मक प्रभाव भी मिले और बच्चों को घर बैठे शिक्षा प्राप्त होने लगी और पूरे विश्व में इस आनलाइन शिक्षा प्रणाली पर और शोध शुरू किए कि कैसे बच्चों को आकर्षक रूप से इससे जोड़ा जाए इंटरनेट ने शिक्षा जगत में आज बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन कर दिए।

बच्चों को घर बैठे शिक्षा मिली

आज बच्चों को उसके माध्यम से हर विषय की विस्तृत जानकारी घर बैठे ही प्राप्त हो जाती है। इंटरनेट आज जीवन का एक हिस्सा बन चुका है, लेकिन हमारे मनीषियों द्वारा यह पहले ही कहा गया कि अति सर्वत्र वर्जियेत अर्थात हर चीज की अति गलत है और वह हमेशा ही नुकसानदायक होती है। यह लोकोक्ति इंटरनेट पर भी लागू होती है। आज हमारे द्वारा इंटरनेट का अति प्रयोग नुकसानदायक साबित हो रहा है।

बच्चों के सामाजिक विकास को नुकसान

विज्ञान द्वारा हमेशा मनुष्य को सुविधा देने के लिए आविष्कार किए गए, लेकिन मनुष्य ने उसके अति प्रयोग से उसे अपने लिए हानिकारक बना लिया। यही आज इंटरनेट के विषय में हो रहा है, इसके अति प्रयोग से मनुष्य एकाकी जीवन की ओर बढ़ा जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप उसकी शारीरिक और सामाजिक हानि हो रही है।

वह तो बस इंटरनेट की आभासी दुनिया को ही अपनी दुनिया मान बैठा है। जिससे उसको विभिन्न प्रकार के मानसिक और शारीरिक रोगों का सामना करना पड़ रहा है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, और जब तक समाज से जुड़ा रहेगा तभी तो उसका सर्वांगीण विकास होगा।

आज इंटरनेट ने उसे बस मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटाप तक ही सीमित कर दिया है। कुछ अनुभूति जब तक आप प्रकृति से सीधे नहीं जुड़ेंगे तब तक आपको नहीं प्राप्त होगी। केवल सोशल मीडिया पर भी अपनी खुशी और गम जाहिर करने से आप की इतिश्री नहीं होती। आज की नई पीढ़ी को यह बात समझानी पड़ेगी कि इंटरनेट से बाहर भी दुनिया है जो ईश्वर प्रदत्त प्रकृति है। जब तक हमे हमारी सभी इंद्रियों द्वारा अनुभूति नहीं होती तब तक हमें पूर्णानंद नहीं प्राप्त होता।

इंटरनेट द्वारा हमारी केवल दृश्य इंद्री ही संतुष्ट हो पाती है। इसलिए हम इंटरनेट का सही प्रयोग करें और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझें। बस इसी तक सिमटकर ना रहे। यदि हम सकारात्मक रूप से इसका प्रयोग करें तो यह हमारी आने वाली पीढ़ियों तक हमारे लिए लाभदायक रहेगा।

इंटरनेट के सही प्रयोग के बारे में समझाना होगा

इंटरनेट के सही प्रयोग के विषय में हम अपनी नई पीढ़ी को समझाएं कि इसको कब और कैसे प्रयोग करें, जिससे समाज और हमारा हित हो। इंटरनेट का बहुत विस्तृत क्षेत्र है और आने वाला कल भी इस पर निर्धारित है। हमें इसकी कमजोरियों को भी नई पीढ़ी को बताना पड़ेगा कि जहां एक और इससे सृजन की हो सकता है तो विनाश भी संभव है, क्योंकि मनुष्य वृत्ति है कि वह गलत रास्ते का चुनाव जल्द करता है, क्योंकि सही रास्ते से जाने में समय बहुत लगता है।

देश को विश्व गुरु बनाने के लिए जिम्मेदारी समझनी होगी

आज 21वीं सदी में हम इससे अछूते नहीं रह सकते बस हमें यह देखना है कि हम इसका प्रयोग सही रूप से करें। यदि भारत को विश्व गुरु बनना है तो प्रौद्योगिकी का प्रयोग करना ही पड़ेगा और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और समाज को भी समझाना होगा कि विज्ञान की इस अनूठी देन इंटरनेट को हम शिक्षा, चिकित्सा, मनोरंजन आदि में सही प्रकार से प्रयोग करें और आगे बढ़ें।

इंटरनेट को जीवन में विभिन्न क्षेत्र में हम प्रयोग कर रहे हैं, वह एक और सेना में देश की सुरक्षा का संदर्भ हो चिकित्सा क्षेत्रों, कृषि, बैंकिंग,परिवहन आदि में, लेकिन समाज में एक ऐसा वर्ग भी है जो इसका दुरुपयोग कर रहा है और क्राइम में एक नया शब्द जुड़ गया वह है “साइबर क्राइम”।

जिस को पकड़ने में भी बहुत समय लगता है, साइबर क्राइम की दर प्रतिदिन बढ़ती जा रही है नई-नई तरकीबें खोजी जा रही हैं जो समाज को परेशान कर रही है जिसके लिए सभी चिंतित हैं और उसको रोकना भी इसी में नहीं थे वह इसका सही प्रयोग और यदि इसका प्रयोग सही होगा तो समाज हित होगा।

Edited By: Samanvay Pandey