मुरादाबाद, जेएनएन। Sambhal Market News : पिछले कुछ माह से सरसों के तेल और रिफाइंड की कीमतों में जबरदस्त उछाल से परेशान लोगों के स्वाद में दालों ने भी खलल डाल दिया है। पेट्रोल डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। लोगों को उम्मीद थी कि अब सब कुछ खुल रहा है तो महंगाई से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।

दिन प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई ने आम आदमी की जेब पर काफी बोझ बढ़ा दिया है। करीब एक माह तक कोरोना का प्रकोप झेलने वाले लोगों की कमाई के साधन भी कम हो गए है। जिस तरह लोगों को पहले रोजगार मिलता था उसे हिसाब से रोजगार नहीं मिल रहा है, ऊपर से अब महंगाई ने लोगों की हालत पतली कर दी है। दिन प्रतिदिन सरसों के तेल और रिफाइंड के दामों में तो बढ़ोत्तरी हो ही रही है दालों के रेट भी कम होने का नाम नहीं ले रहे थे।

जब कोरोना कर्फ्यू के बाद बाजार खुला तो लोगों को लगा कि अब महंगाई में कुछ कमी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब भी दाम वही पर बने हुए है। सरसों के तेल में लगभग दस रुपये की कमी हुई है, लेकिन इतनी कमी से लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। इतना ही नहीं पेट्रोल डीजल के दामों में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। मंगलवार को सम्भल में डीजल 87.98 तो पेट्रोल के 94.6 का रेट था।

दालों के दाम

सरसों का तेल-170

दाल अरहर-100

दाल उड़द-100

दाल चना-80

दाल मलका-70

दाल मटर-70

राजमा-120

चना-100

रिफाइंड-155

सभी रेट किलो में है

डीजल-87.98

पेट्रेाल-94.6

कोट-

लगातार बढ़ रही महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। रसोई गैस के बढ़े दामों के बाद अब सरसों तेल के दामों में आई तेजी के चलते 170 रुपये प्रति लीटर सरसों का तेल लेना पड़ रहा है। ऊपर से कोरोना के चलते काम धंधा भी ठप पड़ा हुआ है।

विक्की, निवासी हल्लू सराय

कोट-

सरकार को महंगाई की तरफ ध्यान देना होगा। मध्यम वर्गीय परिवार इस महंगाई में अपना परिवार नहीं चला सकता है। पिछले छह माह में तेज से लेकर दालों तक के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है।

राजकुमारी, गृहणी

कोट-

महंगाई से मध्यम वर्गीय परिवार ही नहीं बल्कि सभी परेशान है। इस तरह सरकार को ध्यान देना चाहिए। पेट्रोल डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। पेट्रोल डीजल के दामों को कम करना चाहिए।

अक्षत लाठे

कोट-

खाद्य तेलों में पिछले छह माह से ज्यादा वृद्धि हो रही है। सरसों तेल के दाम में दस इस समय 170 रुपये प्रति लीटर है। दालों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। इससे ग्राहक भी दुकान पर कम पहुंच रहे हैं।

अशोक बजाज, किराना दुकानदार

Edited By: Ravi Mishra