जागरण संवाददाता, संभल। MP Shafiqur Rahman Burke : समाजवादी पार्टी से लोकसभा सदस्य डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के लिए राष्ट्रपिता का संबोधन गलत था। यह पदवी देना गलत है। यह लफ्ज़ उनको नहींं बोलना चाहिए।

सांसद ने कहा कि उनके डर की वजह से या खौफजदा होकर लफ्ज़ बोला है। वो भी एक इंसान हैंं। एक पार्टी के संचालक हैं। वह अपनी जगह हैं और लोग उनकी इज्जत करते हैं। उनकी इज्जत के लिए ऐसा शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो उनके लिए इस्तेमाल न होता हो।

जानिए कौंन हैं आरएसएस प्रमुख को राष्ट्रपति कहने वाले

मोहन भागवत को राष्ट्रपिता से संबोधित अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी ने किया था। वह उनके पिता जमील इलियासी की पुण्य तिथि पर दिल्ली में मदरसा गए थे। ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम उमेर अहमद इलियासी देश में एक प्रभावी मुस्लिम धार्मिक गुरु हैं।

धार्मिक सद्भाव बढ़ाने के लिए काम करते रहते हैं अहमद इलियासी

वह कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित मस्जिद के मुख्य इमाम भी हैं। मुस्लिम समुदाय में उनका खास रुतबा है। यही वजह है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने उनसे गुरुवार को मुलाकात की। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कई बार मुलाकात कर चुके हैं।इमाम उमेर अहमद इलियासी लगातार धार्मिक सद्भाव बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। इसके लिए वह, जैन, बौद्ध, इसाई व हिंदू धर्म गुरुओं और प्रबुद्ध लाेगों से संवाद करते रहते हैं।

मायावती ने राष्ट्रपिता कहने पर जताई आपत्ति

मायावती ने आरएसएस प्रमुख को राष्ट्रपिता कहने पर आपत्ति जताई है। सवाल खड़ा किया है कि मोहन भागवत के खुद को उलेमाओं से राष्ट्रपिता कहलवाने से क्या भाजपा का नजरिया बदल जाएगा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिम उलेमाओं से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या इससे मुस्लिमों के प्रति भाजपा सरकारों के रुख में बदलाव होगा।

Edited By: Samanvay Pandey