मुरादाबाद (सुशील कुमार)।

गुजराती मुहल्ले में दो सगी बुजुर्ग बहनों राजरानी और कुसुम की हत्या करके घर में लूटपाट करने वाले सोनू और अरुण ने पहले चोरी तक नहीं की थी। ई-रिक्शा चलाकर जीवन यापन करने वाले दोनों आरोपितों को शलभ गुप्ता ने एक झटके में बड़ा बनाने काा ख्वाब दिखाया और यू-ट्यूब पर रॉबरी इन हाउस-टू एपिसोड पांच बार दिखाकर लुटेरा बनने को तैयार कर लिया।उन्हें दिखाया गया कि घटना को अंजाम देकर बड़े आराम से निकल जाएंगे। हुआ भी बिल्कुल वैसा ही। लूट के साथ दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर तीनों निकल गए। सिर्फ एक गलती से पुलिस उनके बुने जाल को ध्वस्त करने में कामयाब रही।

अमीर बनने के लिए वारदात की 

शलभ महल सराय में रहता है। उसकी सोनू राणा से पुरानी दोस्ती है। सोनू ई-रिक्शा चलाता है। शलभ गुप्ता पर 25 हजार का कर्ज था। शलभ ने कर्ज उतारने के लिए वारदात को अंजाम दिया है, जबकि सोनू के भाई की हाल ही में शादी है, उसलिए उसे भी पैसे की जरूरत थी। इसलिए सोनू लूटपाट के लिए तैयार हुआ।सोनू ने अपने दोस्त अरुण को इसमें शामिल होने की बात कही। शलभ गुप्ता ने दोनों को मोबाइल पर यू-ट्यूब से अपलोड करने के बाद रॉबरी इन हाउस-2 एपिसोड पांच बार दिखाया। सोनू और अरुण का कहना है कि उन्होंने सिर्फ लूटपाट की है, जबकि शलभ के पास ही तमंचा था, उसने ही हत्या को अंजाम दिया है।

ऐसे पहुंची लुटेरों तक पुलिस 

शलभ, सोनू और अरुण का अभी तक कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह का कहना है कि सोनू और अरुण अपने हिस्से की ज्वेलरी सराफा बाजार में बेचने की कवायद में जुटे हुए थे। साथ ही पुलिस ने भी सराफा बाजार में मुखबिरों को लगाया था। दोनों ने सर्राफ से संपर्क किया तो मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस की छापेमारी के साथ ही शलभ मौके से भाग गया।

हर मूवमेंट की लेते रहे जानकारी

लूट और हत्या के बाद तीनों पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी ले रहे थे। शलभ घटना को अंजाम देने के बाद ही शहर से भाग गया था, जबकि सोनू और अरुण ने अपना ई-रिक्शे का काम शुरू कर दिया था। पुलिस ने दोनों को पकड़ा तो एक बार में ही टूट गए। दोनों ने घटना को कबूल करते हुए ज्वेलरी भी बरामद करा दी। साथ ही हत्या में प्रयुक्त किया तमंचा भी पुलिस को दे दिया।

भरोसे के रिश्ते का कर दिया खून

कुछ दिन पहले ही शलभ की जींस बंदर उठाकर ले गए थे, जो राजरानी के घर की छत से बरामद हुई थी। उसी जींस को लेने के लिए बंदरों का पीछा करते शलभ ब्रजभवन तक पहुंचा था। उसके बाद शलभ का राजरानी और कुसुम के घर आना जाना हो गया था। पीछे की टूटी दीवार को फांद कर ही शलभ महिलाओं के पास आकर चला जाता था। उनके पास बैठकर ही शलभ के मन में लूटपाट का ख्याल आया था। 

Posted By: Rashid