जागरण संवाददाता, मुरादाबाद : पुरानी और बदरंग बसों को चमकाने का काम शुरू हो गया है। प्रत्येक डिपो में प्रतिदिन तीन बसों का रंग रोगन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही पांच बसों के शीशों व सीटों के दाग-धब्बे साफ किए जाएंगे। मंडल में साढ़े तीन सौ बसों का रंग रोगन किया जाना है।

रोडवेज प्रबंधन ने वर्ष 2018 के बाद मंडल को नई बसें उपलब्ध नहीं कराई हैं। मंडल में रोडवेज की पांच सौ से अधिक अपनी बसें हैं। इनमें से साढ़े तीन सौ ज्यादा बसें सात वर्ष से अधिक पुरानी हैं। ये बसे बदरंग हो चुकी हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण फिलहाल नई बसें मिलने की संभावना कम है। रोडवेज प्रबंधन अब पुरानी बसों को नई दिखाने में जुटा है। प्रतिदिन डिपो में कम से कम तीन बसों के रंग-रोगन का आदेश दिया गया है।

आदेश मिलते ही मंडल के आठ डिपो में पुराने बसों के रंग-रोगन का काम शुरू हो गया है। रोडवेज में दो रंग की बसें है। जो बस जिस रंग की होगी, उसे उसी रंग से रंगा जाएगा। मुख्यालय ने यह भी आदेश दिए हैं कि प्रतिदिन कम से कम पांच बसों की सीटों व शीशों के दाग-धब्बे साफ किए जाएं। क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि सभी डिपो में रंग रोगन व सफाई का काम शुरू हो गया है। 15 दिन में यह काम पूरा करने का लक्ष्य है।

इस आदेश के बाद अब रोडवेज बसों में कुछ दिनों में बदलाव दिखाई दे सकता है। इससे यात्रियों को भी अच्छा लगेगा।

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