मुरादाबाद, जेएनएन : समाजवादी पार्टी के नेता व पाकबड़ा के विवादित पूर्व प्रधान हारून सैफी की दो जिलों की पुलिस को विदेश से लौटने का इंतजार था क्योंकि सपा नेता तलाश थी। आरटीआइ कार्यकर्ता कासिम सैफी की हत्या में साजिशकर्ता था और कत्ल के बाद ही उमरा करने चला गया था। ऐसे में पुलिस ने रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया हुआ था मगर पुलिस हाथ मलती रह गई और सऊदी अरब से लौटा सपा नेता सीधे अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में पहुंचा और जेल चला गया।

आरटीआइ कार्यकर्ता की हत्‍या का यह है पूरा मामला

पाकबड़ा निवासी आरटीआइ कासिम सैफी की 26 दिसंबर 2018 को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। गुमशुदगी के बाद चुप्प बैठी पुलिस काफी हंगामे के बाद पुलिस हरकत में आई और दो सप्ताह बाद पुलिस ने शामली जनपद के प्रॉपर्टी डीलर विकास चौधरी को गिरफ्तार किया और उसकी ही निशानदेही पर शामली के थांवला थाना क्षेत्र से आरटीआइ कार्यकर्ता का शव बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में सपा नेत्री अल्का दूबे व कुलदीप को भी गिरफ्तार किया और तीनों को जेल भेज दिया था। इन्हीं से पूछताछ के बाद सपा नेता हारून सैफी का नाम कत्ल की साजिश करने में सामने आया था। पुलिस ने तलाश किया तो पता चला था कि हारून सैफी उमरा करने के लिए सऊदी अरब चला गया है।

सऊदी अरब से फेसबुक पर लाइव वीडियो में खुद को बताया था हत्‍यारोपित ने बेगुनाह

इसके बाद पुलिस ने शिकंजा कसा तो आरटीआइ कार्यकर्ता कासिम सैफी के हत्यारोपित ने सऊदी अरब से ही फेसबुक पर लाइव वीडियो अपडेट की और खुद को निर्दोष बताते हुए विदेश से लौटने के बाद कानून का सामना करने की बात कही थी, मगर लौटने से पहले ही अपने करीबियों के माध्यम से खुद को बचाने के लिए दांव खेले और हत्यारोपित होने के बावजूद मुकदमे की विवेचना तत्कालीन एडीजी बरेली जोन से बदलवा ली। इसके बाद पाकबड़ा से मुकदमा बिजनौर जिला पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया। परिजनों को जानकारी हुई तो आरटीआइ कार्यकर्ता के पांच साल के बेटे के साथ में मुरादाबाद कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। इस पर पुलिस बैकफुट पर आई और अदालत से हत्यारोपित की संपत्ति कुर्क की कार्रवाई शुरू की।

दस लाख रुपये की सुपारी देकर कराया था कत्‍ल

गौरतलब है कि आरटीआइ कार्यकर्ता की हत्या करने के लिए पूर्व प्रधान के द्वारा दस लाख रुपये की सुपारी देने की बात सामने आई थी। हत्या के बाद आरोपित उमरा करने के लिए सऊदी अरब चला गया था। हालांकि अब इस मामले में पुलिस हत्यारोपित पूर्व प्रधान को रिमांड में लेने के बाद पूछताछ करेगी, जिसके बाद पूरा मामला साफ हो जाएगा।

पुलिस को नहीं लगी सरेंडर की भनक

आरटीआइ कार्यकर्ता के हत्यारोपित पूर्व प्रधान हारून सैफी ने फिल्मी अंदाज में कोर्ट में सरेंडर कर दिया,वहीं पुलिस को इस मामले की भनक तक नहीं लग सकी। कोर्ट में सरेंडर के बाद वह जेल में भी दाखिल हो गया। यह पूरी प्रक्रिया इतनी तेजी साथ हुई कि हत्यारोपित के जेल में दाखिल होने के बाद सभी को सरेंडर की भनक लगी।

Posted By: Narendra Kumar

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