सम्‍भल । चन्दौसी कोतवाली पुलिस ने 18 वर्ष पूर्व एक मेडीकल स्टोर पर आबकारी विभाग द्वारा पुलिस के साथ छापेमारी की थी। दवाइयों की शीशियां जब्त की गई थी। दवाइयों को पुलिस द्वारा नष्ट कर दिया गया था, जिसको लेकर न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन तीन आबकारी निरीक्षक व एक प्रभारी निरीक्षक समेत 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

बता दें कि आबकारी विभाग ने वर्ष 2002 में कैथल गेट के चतुर्वेदी मेडीकल स्टोर पर छापा मारकर 1703 दवाइयों की शीशि बरामद की थी। जिन्हें बाद में सीज कर दिया गया और तत्कालीन आबकारी निरीक्षक ने मेडीकल स्वामी विपिन चतुर्वेदी व एक अन्य के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पीडि़त ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अपर पुलिस अधीक्षक सम्भल से सीज की दवाइयों की जानकारी मांगी। जानकारी मिली कि सीज दवाइयों की शीशियां थाने के मालखाने में मौजूद नहीं है। जबकि इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे ले रखा था। इसलिए इन दवाइयों को नष्ट नहीं किया जा सकता था। इसी के चलते विपिन चर्तुवेदी कोर्ट गए और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सम्भल ने इस मामले में सुनवाई की और तत्कालीन तीन आबकारी निरीक्षक, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चन्दौसी, एक उपनिरीक्षक समेत 13 कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के कोतवाली पुलिस को आदेश दिए है। कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन कमलाकर द्विवेदी आबकारी निरीक्षक चन्दौसी, एलबी यादव व श्रीराम कन्नौजिया आबकारी निरीक्षक मुरादाबाद, दयाराम मुख्य आरक्षी, नन्हेलाल, जसपाल, दलमोहर ङ्क्षसह, प्रवीन कुमार, देवदत्त आबकारी विभाग चन्दौसी के साथ तत्कालीन इंस्पेक्टर चन्दौसी कोतवाली, महेन्द्र ङ्क्षसह उपनिरीक्षक, कांस्टेबिल शैलेन्द्र व मोतीलाल कोतवाली चन्दौसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

Posted By: Narendra Kumar

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