मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। उत्तर रेलवे में यात्री सुविधा व ट्रेनों का संचालन बढ़ाने के लिए जनवरी तक 12 हजार नये कर्मचारी उपलब्ध कराए दिए जाएंगे। मुरादाबाद मंडल को 27 सौ से अधिक कर्मचारी मिलेंगे। बीस वर्ष बाद आफिस में कार्य करने के लिए लिपिक तक की भर्ती की गई है।

कर्मचारियों पर पड़ रहा था ओवरलोड

लगातार मालगाड़ी की संख्या बढ़ रही है। वंदे भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेनों संचालन किया जाना है। रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ी-बड़ी घोषणा की जाती है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण सभी घोषणा तक सीमित रह गई है। कर्मचारी की कमी के कारण बिना गार्ड के मालगाड़ी चलायी जा रही है। कर्मचारियों से आठ घंटे बजाय 14 घंटे तक ड्यूटी करायी जा रही है। इस मामले को लेकर ट्रेड यूनियन लगातार आंदोलन चला रहा है। रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों की बीच होने वाली बैठक में लगातार यह मामला उठाया जाता रहा है।

नरमू के साथ बैठक में उत्‍तर रेलवे जीएम ने की घोषणा 

बुधवार को दिल्ली में नरमू के साथ हुई बैठक में उत्तर रेलवे महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने जानकारी दी है कि जनवरी तक उत्तर रेलवे में 12,308 नये कर्मचारी जोन के पांचों मंडल को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। मुरादाबाद मंडल में 27,34, अंबाला मंडल में 4070, दिल्ली रेल मंडल में 4607, लखनऊ मंडल में 1,931 और फिरोजपुर रेल मंडल में 4708 कर्मचारी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए वाणिज्य आपरेंटिस, ट्रेनों का संचालन के लिए गार्ड, चालक, रेललाइन की मरम्मत व रखरखाव के लिए तकनीकी कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।

20 वर्ष बाद लिपिक की हुई सीधी भर्ती

रेलवे के विभिन्न विभागों के आफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की 20 साल से अधिक समय से सीधी भर्ती नहीं की गई थी। रिक्त पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति देकर भरा जाता था। इस नियम के कारण 75 प्रतिशत पद रिक्त रह जाते थे। पहली बार आफिस में काम करने के लिए क्लर्क व सीनियर क्लर्क की भर्ती की गई है। नरमू के मंडल मंत्री राजेश चौबे ने बताया कि संगठन की लड़ाई के कारण पहली बार इतनी संख्या में नये कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इससे कार्यरत कर्मचारियों को राहत मिलेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा भी उपलब्ध हो पाएगी।

Edited By: Vivek Bajpai

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट