मुरादाबाद, जेएनएन। रामपुर लोकसभा उप चुनाव के लिए आजम खां ने सारे कयास को झुठला दिया है। आजम खां के परिवार से कोई भी सदस्य उप चुनाव में प्रत्याशी नहीं है। आजम खां के बेहद करीबी रामपुरी में समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने रामपुर लोकसभा उपचुनाव में आज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। लोकसभा उप चुनाव के लिए आज नामांकन का अंतिम दिन है।

रामपुर लोकसभा उप चुनाव से आजम खां ने खुद को अलग कर लिया है। यहां से आजम खां ने समाजवादी पार्टी रामपुर के नगर अध्यक्ष आसिम को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके साथ ही पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आजम खां आज भी पार्टी के प्रमुख नेता हैं। रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की ओर से आसिम राजा उम्मीदवार हैं। आजम खां ने सपा कार्यालय दारुल आवाम पर कार्यकर्ताओं के बीच प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया। इससे पहले चर्चा थी कि सपा रामपुर से आजम खां की पत्नी तंजीन फातिमा को चुनाव मैदान में उतार सकती है। खास बात यह है कि अब तक जितने भी नाम की चर्चा हो रही थी, उसमें आसिम रजा का नाम कहीं पर नहीं था। ऐसे में आसिम का नाम बेहद चौंकाने वाला रहा है। आसिम रजा आजम खान के बेहद करीबी हैं। पार्टी कार्यालय में उनके नाम का ऐलान करते हुए आजम ने लोगों से मार्मिक अपील भी की है। उन्होंने कहा है, दोस्तों आसिम रजा को जीता देना।

समाजवादी पार्टी ने रामपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए आज प्रत्याशी के नाम का एलान कर दिया है। सपा नेता आजम खां ने पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के बाद खुद प्रत्याशी के नाम का एलान किया। लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने आसिम रजा को मैदान में उतारा है। उनके सामने भारतीय जनता पार्टी ने घनश्याम लोधी को प्रत्याशी घोषित किया है। घनश्याम लोधी ने सोमवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। आसिम राजा विधायक आजम खां के करीबी हैं। आजम खां कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों के साथ सपा प्रत्याशी का नामांकन दाखिल कराएंगे। समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवार को लेकर निर्णय पूरी तरह से आजम खां के ऊपर ही छोड़ दिया था। दिल्ली में आजम खां और अखिलेश के बीच हुई मुलाकात के बाद से रामपुर सीट को लेकर चर्चा तेज हो गई थी और माना जा रहा था कि यहां से आजम खां के परिवार का कोई सदस्य मैदान में उतर सकता है लेकिन आखम खां ने आसिम रजा पर दाव खेला है। 

रामपुर लोकसभा की सीट आजम खां के छोड़ने से खाली हुई थी। दरअसल, आजम खां हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में विधायक बन गए थे। उन्होंने सीतापुर जेल से ही चुनाव लड़ा था। विधायक बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। आजम खां 2019 के लोकसभा चुनाव में सांसद बने थे। सांसद बनते ही उन पर मुकदमों की झड़ी लग गई थी। एक के बाद एक 100 से अधिक मुकदमें उनके खिलाफ दर्ज हुए थे। जिसमें कुछ में उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी तजीन फात्मा को भी आरोपित बनाया गया था।

Edited By: Dharmendra Pandey

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