मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Rampur Hunar Haat : मशहूर गजल गायक तलत अजीज ने शुक्रवार रात रामपुर हुनर हाट में हुए कार्यक्रम में अपनी गायकी से सभी को मदहोश कर दिया। जिनकी गजलों को लोग टीवी या मोबाइल पर सुनते थे, उन्हें रूबरू गाते देख मंत्रमुग्ध हो गए। देर रात तक महफिल चलती रही। श्रोताओं की फरमाइश आती रही और गजल गायक ने किसी को निराश नहीं किया।

पनवड़िया नुमाइश मैदान में आयोजित हुनर हाट में शुक्रवार की रात गायक तलत अजीज के नाम रही। उनके मंच पर आते ही लोगों ने तालियों से स्वागत किया। श्रोताओं के इस उत्साह का आभार जताते हुए गजल गायक ने भी एक-एक कर अपनी मशहूर और सदाबहार गीतों को सुनाना शुरू कर दिया। उन्होंने फिल्म उमराव जान का गीत जिंदगी जब भी तेरी बज्म में लाती है हमें-यह जमीं चांद से बेहतर नजर आती है हमें, फिल्म बाजार का गीत फिर चली बात रात फूलों की, डैडी फिल्म का प्रसिद्ध गीत आइना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे आदि सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। उनके सुनाए गीत कैसे सुकून पाऊं तुझे देखने के बाद-अब क्या गजल सुनाऊं तुझे देखने के बाद पर पंडाल तालियों से गूंज उठा। लोग वाह-वाह करने लगे। कार्यक्रम देर रात तक चला। केंद्र सरकार की ओर से पनवड़िया नुमाइश मैदान में 10 दिवसीय हुनर हाट का आयोजन किया गया है, जिसकी शुरुआत 16 अक्टूबर से हुई है। यहां देश के कई राज्यों के दस्तकार और शिल्पकार अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके द्वारा अपने हाथों से बनाए उत्पाद लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजन के भी स्टाल लगे हैं। इनमें मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के व्यंजन हैं।

हुनर हाट में छाए गोबर से बने उत्पाद : हुनर हाट में गोबर से बने उत्पाद और मिट्टी से बने बर्तनों को भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं। यह स्टाल प्रांजल अग्रवाल द्वारा लगाया गया है। उनका कहना है कि उनके स्टाल पर मिट्टी के बर्तन, गोबर से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, पंचगव्य उत्पाद हैं। हुनर हाट में पहले ही दिन से इन उत्पादों को पसंद किया जा रहा है और इन्हें खरीद रहे हैं। हाट में आए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी यह उत्पाद पसंद आए। इस हुनर हाट के जरिए हम अपने उत्पादों को घर-घर पहुंचा रहे हैं। यहां सबसे ज्यादा डिमांड गाय के गोबर से बने दीपक, लक्ष्मी-गणेश प्रतिमाएं, मिट्टी के कप, मिट्टी के प्रेशर कुकर और मिट्टी की कढ़ाई की रहती है। यह सब स्टाल नंबर 78 पर उपलब्ध है। 

Edited By: Narendra Kumar