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मुरादाबाद में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा: खादर के गांवों में पानी घुसने से दहशत, प्रशासन अलर्ट

Published: Wed, 09 Sep 2026 11:57 AM (IST)

रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मुरादाबाद के खादर गांवों में चिंता बढ़ गई है, खेतों और घरों तक पानी ...और पढ़ें

HighLights

  1. रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से खादर गांवों में चिंता

  2. खेतों में पानी भरा, संपर्क मार्ग प्रभावित, घरों तक पहुंचा

  3. प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को निगरानी के निर्देश दिए

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बुधवार को तड़के रामगंगा नदी का पानी ऊपर चढ़ा तो खादर में बसे गांवों की धड़कन बढ़ गई। खेतों में पहले से भरा पानी और नदी का तेज बहाव किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। हालांकि सुबह के बाद जलस्तर में बढ़ोतरी थम गई और स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

बुधवार सुबह छह बजे रामगंगा का जलस्तर 190.040 मीटर दर्ज किया गया। दो घंटे बाद सुबह आठ बजे यह फिर से 190.010 मीटर पर आ गया। यानी सुबह आठ बजे तक जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की कमी दर्ज हुई। इसके बाद जलस्तर स्थिर रहने से ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली।

moradabad ramganga water small

बाढ़ के पानी के बीच से गुजरते वाहन।

कटघर रेलवे पुल पर रामगंगा का खतरे का निशान 190.60 मीटर

कटघर रेलवे पुल पर रामगंगा का खतरे का निशान 190.60 मीटर है। मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से करीब 59 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का पानी ठाकुरद्वारा, भोजपुर, मूंढापांडे और कांठ के खादर इलाकों में परेशानी बढ़ा रहा है। सुल्तानपुर खादर, लालापुर पीपलसाना और रायभूड़ में पानी से संपर्क मार्ग प्रभावित हैं।

कांठ के सलेमपुर समेत कई गांवों में रामगंगा का पानी खेतों को डुबोते हुए मकानों की चौखट तक पहुंच चुका है। फसलें पानी और कटान की दोहरी मार झेल रही हैं।

प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को किया है अलर्ट

जलस्तर के उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। पीएसी की नावें और चिकित्सा टीम तैयार रखी गई हैं। फिलहाल पानी थमने से राहत जरूर है, लेकिन रामगंगा के तेवर देखते हुए खादर के ग्रामीणों की नजर नदी के जलस्तर पर टिकी हुई है।

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