मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण के बढ़ने के बाद रेलवे अस्पताल इसके लिए तैयार कर लिया गया है। अधिकारियों व कर्मचारियों के इलाज के साथ आम संक्रमित रोगियों की इलाज की व्यवस्था की गई है। इसका प्रभारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिनेश मोहन को बनाया गया है।

पिछले साल कोरोना संक्रमण के दौरान देश भर में काफी रेलवे अधिकारी व कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए थे। मुरादाबाद मंडल में पांच सौ से अधिक अधिकारी व कर्मचारी कोरोना संक्रम‍ित हुए थे। पहले से व्यवस्था नहीं होने के कारण रेल के चिकित्सकों को इलाज करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। उत्तर रेलवे मुख्यालय ने भी रेल मंडल के सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आदेश दिया है कि कोरोना संक्रमित होेने वाले रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर लें। जहां जिला प्रशासन द्वारा पहले एल वन अस्पताल बनाया गया था, उसे भी सक्रिय कर दे, जहां जिला प्रशासन द्वारा संक्रमित रोगियों को भर्ती करा इलाज किया जाएगा।

मुख्यालय के पत्र के बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कुलविंदर कौर चौहान ने कोरोना की तैयारी को लेकर पत्र जारी किया है। इसमें कोविड इलाज को लेकर प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. दिनेश मोहन को बनाया है। स्थानीय स्तर पर कोरोना को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से संपर्क बनाने के लिए नोड्ल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रविकांत को बनाया है। इसके अलावा कोरोना कंट्रोल रूम बनाया गया है। टेली सिस्टम से कोरोना का इलाज करने या सुझाव देने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। रेलवे कर्मचारियों को संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है। मंडल भर के संक्रमित रेलवे कर्मचारी फोन से संपर्क कर सकते हैं और इलाज करवा सकते हैं। इसके साथ संक्रमित कर्मचारियों से लगातार संपर्क रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है।

मुरादाबाद के रेलवे मंडल अस्पताल में 45 बेड का एल वन प्लस अस्पताल है, यहां आक्सीजन व अन्य सुविधा उपलब्ध है। इसे भी तैयार कर लिया गया है। आक्सीजन प्लांट व वेंटीलेटर की परीक्षण किया जा चुका है।

यहां कर सकते रेलवे कर्मचारी संपर्क

कंट्रोल रूम : 7817008658

टेली इलाज  : 9760537033

Edited By: Narendra Kumar