प्रदीप चौरसिया, (मुरादाबाद) : इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन) के देशी सेटेलाइट मालगाड़ी में होने वाली चोरी रोकने में सहायक होंगे। इसके लिए रेलवे ने इसरो के साथ करार किया है। रेलवे ने इसरो के सेटेलाइट के जरिए कंट्रोल आफिस एप्लीकेशन सिस्टम लिया है, जो ट्रेनों के परिचालन की रियल टाइम की निगरानी करेगा। इससे ट्रेन दुर्घटना की तुरंत जानकारी और रेललाइन निगरानी में मदद मिल सकेगी। यहां बता दें कि प्रथम चरण में देशभर के सात सौ इंजन पर सिस्टम लगने हैं। इसके तहत मुरादाबाद मंडल में भी काम शुरू हो गया है।

माफिया कर लेते हैं मालगाड़ी में चोरी

 वर्तमान में रेलवे स्टेशन से ट्रेन या मालगाड़ी चलने के बाद रेल अधिकारियों व कर्मियों को ट्रेन या मालगाड़ी के बारे में जानकारी नहीं होती है। माफिया मालगाड़ी को रोक कर खाद्यान्न, कोयला, तेल आदि चोरी कर लेते हैं। इसकी जानकारी रेलवे को गंतव्य पर पहुंचने के बाद ही मालूम हो पाती है। यही नहीं पहाड़ी क्षेत्रों में एकाएक रेललाइन पर बाढ़ आ जाने, पुल बह जाने की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाता है। ऐसे में इसरो के देशी सेटेलाइट रामबाण साबित होंगे।

अब तक के सिस्टम से ज्यादा सटीक मिलेगी जानकारी

रेल प्रशासन ने ट्रेनों से संबंधित जानकारी देने के लिए कई सिस्टम शुरू किए हैं लेकिन, अब भी यात्रियों को ट्रेनों की वास्तविक जानकारी नहीं मिल पाता है। इसरो के सिस्टम से रेलवे अगले चरण में ज्यादा सटीक जानकारी दे सकेगा। इससे लोगों को लाभ मिलेगा।

कैसे काम करेगा सिस्टम

इसरो का यह सिस्टम दो तरह से काम करेगा। इंजन पर लगे उपकरण से मालगाड़ी की जानकारी देगा और सेटेलाइट सिस्टम से रेललाइन की निगरानी करेगा। मुरादाबाद रेल मंडल में मालगाड़ी के इंजन परिचालन की स्थिति के लिए रियल टाइम मॉनिटङ्क्षरग के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाना शुरू हो गया है। अपर मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने बताया कि मालगाड़ी के इंजन में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है।

Posted By: Narendra Kumar

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