मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Priyanka Vadra Moradabad Tour : कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा दो दिसंबर को मुरादाबाद आ रहीं हैं। वह यहां बुद्धि विहार में कांग्रेस की महारैली को संबोधित करेंगी। कार्यक्रम की तैयारी के लिए कांग्रेस नेताओं की टीम ने यहां डेरा डाल लिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तौकीर अहमद और यूपी में पार्टी के सह प्रभारी धीरज गुर्जर नेताओं से तालमेल करके भीड़ जुटाने के लिए रणनीति बना रहे हैं।

कांग्रेस से टिकट लेने का दावा करने वाले नेताओं को भी भीड़ लाने का लक्ष्य दिया गया है। 15 नवंबर को प्रियंका वाड्रा पदाधिकारियों से संवाद करने के लिए नहीं आ सकीं थीं। लेकिन, उसी दिन उन्होंने घोषणा करा दी थी कि जल्द ही मुरादाबाद आएंगी। इसी के चलते उनका कार्यक्रम यहां लग गया। पहले एक दिसंबर को प्रियंका वाड्रा का आने का कार्यक्रम था। लेकिन, अब कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वह दो दिसंबर को आ रहीं हैं। कांग्रेसी प्रियंका की महारैली में एक लाख भीड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के लिए यह बड़ा लक्ष्य है। भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेसी सबसे अधिक दम टिकट मांगने वालों पर भर रहे हैं। लेकिन, उनमें कई नेता तो ऐसे हैं, ज‍िनके ल‍िए दो हजार लोग भी जुटाना मुश्किल होगा। बिलारी, कुंदरकी, कांठ और ठाकुरद्वारा में कांग्रेस से टिकट की दावेदारी करने वाले नेताओं के लिए भीड़ जुटाना सबसे अधिक मुश्किल है। मुरादाबाद देहात में कांग्रेस को जिले में सबसे अधिक मजबूत माना जा रहा है। यहां से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को अच्छे वोट मिले थे। इसलिए इस क्षेत्र से महारैली में भीड़ जुटाई जा सकती है। मुरादाबाद शहर विधानसभा सीट पर भी एक दावेदार भीड़ जुटा सकते हैं। लेकिन, बाकी दावेदारों की स्थिति ऐसी है कि एक हजार लोग जुटाना भी मुश्किल होगा। इस तरह भीड़ जुटाना कांग्रेस नेताओं के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। जिलाध्यक्ष असलम खुर्शीद का कहना है कि महारैली में एक लाख से अधिक लोग पहुंचेंगे। इसके लिए तैयारियां चल रहीं हैं। हमारी नेता प्रियंका वाड्रा का 11 बजे आने का कार्यक्रम है। मुरादाबाद के अलावा आसपास के जिलों से भी कांग्रेस के लोग आएंगे।

प्रियंका की ससुराल है, इसका भी ख्याल रखना है : प्रियंका वाड्रा के पति का मुरादाबाद से पुराना रिश्ता है। उनका परिवार यहीं का रहने वाला है। इसलिए मुरादाबाद में प्रियंका की ससुराल है। कांग्रेस नेताओं को इसका भी ख्याल रखना है। महारैली में भीड़ नहीं जुटी तो राष्ट्रीय राजनीति में अच्छा मैसेज नहीं जाएगा।

Edited By: Narendra Kumar