मुरादाबाद, जेएनएन। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी को लेकर जहां जुलूस की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं तो वहीं धार्मिक-सामाजिक संगठनों ने हजरत मुहम्मद साहब की जिंदगी के बारे में लोगों को बताना शुरू कर दिया है। फजर की नमाज के बाद दावते इस्लामी के सदस्य हाथों में झंडा लिए सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा की सदाएं बुलंद कर रहे हैं।

फजर की नमाज के बाद छोटे बच्चे सिर पर पगड़ी बांधे हुए जुबां पर सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा की सदाएं लगाते हुए चल रहे हैं। उनका ये अमल रबिउल अव्वल के चांद का दीदार होने के साथ ही शुरू हो चुका है। इस दौरान राहगीरों को बताते हैं कि हजरत मुहम्मद साहब मोहसिने इंसानियत बनकर आए। आपने दुनिया को अमन का पैगाम दिया। आप उस बुजुर्ग महिला की तबीयत के बारे में पूछने गए जब वो आप के ऊपर एक दिन कचरा फेंकने नहीं आई। इस्लाम अमन का पैगाम देता है। दावते इस्लामी के शहर अमीर शाने आलम अत्तारी ने बताया कि नेक राह और हदीस शरीफ के बारे में दर्स दिया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार की आमद को लेकर जश्न मनाया जाता है। इस बार कोरोना की वजह से गाइडलाइन का इंतजार है। उसी हिसाब से जुलूस में शरीक होंगे। वहीं मुहम्मद साहब के चाहने वालों ने घरों में सजावट करनी शुरू कर दी है। 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021