मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Power Theft Cases : बिजली चोरी की रोकथाम के लिए बिजली विभाग अभियान चला रहा है लेकिन, इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है कि किसी के भी नाम का नोटिस बनाकर उसे बिजली चोर साबित कर दिया जाए। कई उपभोक्ताओं ने ऐसे मामलों में बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उपभोक्ताओं ने न्यायालय में वाद दायर किया है।

चक्कर की मिलक में एक बुजुर्ग की फर्जी मुकदमे की वजह से ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई थी। परिवार के लोगों ने अधिशासी अभियंता समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किए हैं। आदेश मिलने के बाद भी उपभोक्ताओं के कनेक्शन नहीं जोड़े गए।

केस एक : चक्कर की मिलक के रहने वाले रइस अहमद को अधिशासी अभियंता के कार्यालय में तीन फरवरी 2020 को दिमाग का अटैक पड़ गया। वो वहीं जमीन पर गिर गए। वह अपने ऊपर चोरी का मामला दर्ज होने पर न्याय की गुहार लगाने के लिए गए थे। इसके बाद उनके बेटे नजाकत बब्बू ने बिजली विभाग पर वाद दायर कर दिया। इनका कनेक्शन आज तक जुड़ा नहीं है। अब नजाकत की भी हालत खराब है। जबकि न्यायालय का निर्णय आने तक उपभोक्ता को बिजली से वंचित नहीं किया जा सकता है।

केस-दो : सिविल लाइन चक्कर की मिलक के रहने वाले नूरुल हसन का भी काम बंद पड़ा है। बिजली नहीं मिलने की वजह से वो परेशान हैं। 2019 से उनका मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। उपभोक्ता का कहना है कि न्यायालय ने कनेक्शन जोड़ने का निर्देश भी दिया लेकिन, आज तक कर्मचारियों ने कनेक्शन नहीं जोड़ा है। अभी भी चार अवर अभियंता और अन्य कर्मचारियाें के खिलाफ वाद दायर है। कनेक्शन जुड़वाने के लिए उपभोक्ता बिजलीघर के चक्कर काट रहा है। देखने वाली बात ये होगी कि कनेक्शन जुड़ेगा या नहीं।

न्यायालय के निर्देश का पूरा पालन किया जाता है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान नार्मल बिल उपभोक्ता को जमा करते रहना है। मेरे आने से पहले का मामला है। इसमें जानकारी कराएंगे। तब पता चलेगा कि बिजली चेकिंग में क्या हुआ था।

संजय कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता

 

Edited By: Narendra Kumar