मुरादाबाद: सम्भल जनपद में तीन दिन पहले हुई असमोली थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हुई तो पिस्टल से गोली नहीं चली। इस पर दारोगा ने मुंह से ही ठाय ठाय की आवाज निकाली। असल में असमोली थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ की कहानी के अपने ही जाल में पुलिस द्वारा उलझी हुई दिखाई दे रही है। 

मुठभेड़ में पकड़ा गया था मुरादाबाद का शातिर बदमाश

हाल के दिनों में संभल पुलिस ने कई  शातिरों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। इन्हीं मुठभेड़ में एक मुठभेड़ तीन दिन पहले असमोली में हुई मुठभेड़ थी। इस मुठभेड़ में मुरादाबाद का शातिर अपराधी रुखसाद पकड़ गया था।

 मुठभेड़ में सबसे खास बात यह रही

इस मुठभेड़ में सबसे खास बात यह है कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस के एक दरोगा की पिस्टल दगा दे गई। गोली नहीं चली तो दरोगा ने मुंह से ही ठाय ठाय करके अपराधियों को डराया। मुंह से ठाय ठाय का दरोगा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यूपी ही नहीं बल्कि देश भर में पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगने लगा और लोगों ने पुलिस को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया। 

सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया पुलिस को 

मुठभेड़ के इस प्रकरण में चिंतन वाली बात यह है कि आखिर यह वीडियो कैसे बनी और घटनास्थल से बाहर कैसे आ गई। इसमें पहला सवाल है कि वीडियो किसने बनाई। मुठभेङ के दौरान कहीं से भी गोली चलने और किसी को भी गोली लगने की संभावना होती है, ऐसे में उसी स्थान पर जाकर आराम से वीडियो बनाने की बात भी किसी के गले नहीं उतर रही है। 

क्या पुलिस वालों ने ही बनाई थी मुठभेड़ की वीडियो

फिलहाल, खाकी के गलियारों में चर्चा है कि वीडियो पुलिस ने अपनी वाहवाही लूटने के लिए बनवाई होगी लेकिन इसमें  कुछ अंश ऐसे निकले जो पुलिस की किरकिरी करा रहे हैं। मुठभेड़ हमेशा अचानक होती है, जहां सिर्फ पुलिस टीम ही रहती है। ऐसे पिस्टल के दगा देने की खबर जब प्रदेश स्तर पर छाई तो एक सवाल खड़ा हो गया कि आखिर यह मामला कैसे मुठभेड़ स्थल से आमजन के बीच में आ गया। यह तो स्पष्ट है कि जिस समय मुठभेड़ हो रही थी उसी समय इसकी बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही थी। सवाल खड़ा हो गया कि मुठभेड़ के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की क्या जरूरत थी। सूत्रो की माने तो पुलिस ने अपनी वाह वाही लूटने के चक्कर में यह रिकॉर्डिंग कराई और यह रिकॉर्डिंग ही  उसके गले की फांस बन गई है।

वीडियो कैसे वायरल हुआ जांच कराई जा रही: एएसपी

 अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडे की माने तो मुठभेड़ या सामान्य तरीके से कभी-कभी पिस्टल दगा दी जाती है हालांकि यह कोई ऐसा मामला नहीं है कि जिस पर चर्चा की जाए। वीडियो के प्रकरण को लेकर उन्होंने जरूर कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर यह वीडियो कैसे वायरल हुआ क्योंकि घटनास्थल पर पुलिस ने बड़े ही सतर्कता के साथ मुठभेड़ की घटना को अंजाम दिया था, वह काफी संवेदनशील थी और किसी भी समय कुछ भी हो सकता था।

यह था पूरा मामला

शुक्रवार रात असमोली पुलिस मंसूरपुर माफी गाव में गश्त कर रही थी। तभी बाइक पर पुलिस को दो लोग दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो फाय¨रग करते हुए बदमाश बाइक को छोड़ गन्ने के खेत में घुस गए। पुलिस ने खेत की घेराबंदी कर ली। अन्य थानों की पुलिस भी बुला ली। फाय¨रग करते हुए बदमाशों को गन्ने के खेत में तलाशना शुरू कर दिया। तभी एक दारोगा खेत के पास पहुंचा और घुसने से पहले पिस्टल निकालकर हवाई फाय¨रग करने का प्रयास किया। दारोगा ने कई बार ट्रिगर दबाया, लेकिन गोली नहीं चली। शुक्त्र था कि बदमाश से नहीं हुआ सामना्र जब कई प्रयास विफल हुए तो दारोगा ने मुंह से ही ठाय-ठाय करनी शुरू कर दी। दारोगा मुंह से ठाय बोलता और आगे बढ़ता जा रहा था। गनीमत रही कि दारोगा के सामने बदमाश नहीं पड़ा नहीं तो कोई बड़ी घटना हो जाती। एएसपी पंकज कुमार पाडेय ने बताया कि पिस्टल से फायर हुआ था। पिस्टल से फायर न होने की बात गलत हैं। फायर करते हुए भी डरता हुआ नजर आया दारोगा भले ही मुठभेड़ के दौरान दारोगा की पिस्टल न चली हो, लेकिन वीडियो में साफ दिख रहा है कि दारोगा फायर भी सही तरह से नहीं कर पा रहा था। दारोगा अधिकारियों के डर से बदमाश को पकडऩे के लिए आगे तो बढ़ रहा था। लेकिन, उसका पूरा शरीर काप रहा था। दारोगा फायर करने के लिए हाथ ऊपर उठाता था और मुंह नीचे कर लेता था।