मुरादाबाद :छह साल की बच्ची के कत्ल पर पुलिस ने कातिलों के सामने सरेंडर कर दिया। पांच दिन बाद भी पुलिस बच्ची की पहचान तक नहीं कर पाई, जबकि बच्ची के शव को जंगली जानवरों ने नोच डाला था। बिना कपड़ों के मिले शव को देखकर दुष्कर्म की भी आशंका जाहिर की जा रही है। तब भी पुलिस हत्यारोपितों तक पहुंचने में नाकाम साबित हो रही है।

ये है पूरा मामला

गुरुवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कपूर कंपनी स्थित हुलका मंदिर के पीछे रेलवे लाइन के समीप छह साल की बच्ची की हत्या कर दी गई। बिना कपड़ों के मिले शव को देखकर दुष्कर्म की आशंका भी जाहिर की जा रही है। जानवर ने बच्ची के चेहरे और नाजुक अंग को नोच डाला। बच्ची का चेहरा भी साफ दिखाई नहीं दे रहा। अभी तक बच्ची की पहचान नहीं होने से पुलिस पर वारदात के पर्दाफाश का कोई दबाव नहीं बना पा रहा है। यही कारण है कि पुलिस हत्या जैसे संगीन मामले की अनदेखी कर रही है। एएसपी अपर्णा गुप्ता की ओर से जो तर्क दिया गया है वह अटपटा लग रहा है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल के बीटीएस से बच्ची की पहचान होना संभव नहीं है। शीर्ष अफसर की ओर से दिए गए बयान के बाद तो अधीनस्थों ने भी पल्ला झाड लिया है। इंस्पेक्टर सुधीर धामा का कहना है कि स्थानांतरण होने के बाद चार्ज संभाला है। उन्होंने बच्ची की हत्या के मुकदमे को देखा है। दोबारा से क्राइम सीन पर जाकर सबसे पहले पहचान करने की कोशिश की जाएगी। पहचान के बाद पुलिस हत्यारोपित को भी गिरफ्तार कर लेगी। सवाल यह है कि पांच दिन में पुलिस ने आखिर क्या किया? सिर्फ पोस्टमार्टम कराने के बाद शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर देने के।

Posted By: Jagran