मुरादाबाद। बिजनौर जनपद के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक नईम उल हसन को एडीजे द्वितीय की कोर्ट ने बुधवार को साढ़े तीन घंटे तक न्यायिक हिरासत में रखा। इस दौरान कोर्ट के अंदर कटघरे में खड़े रहकर जमानत मिलने का सपा विधायक ने इंतजार किया। सुबह करीब 12 बजे वह कोर्ट में पहुंचे थे। इसके बाद वह करीब साढ़े तीन बजे जमानत मिलने के बाद न्यायिक हिरासत से रिहा हुए।  

अधिवक्ता अनुज विश्नोई ने बताया कि साल 2009 में बसपा शासनकाल में तत्कालीन मुरादाबाद एसएसपी प्रेम प्रकाश ने रामपुर के मौजूदा सांसद मुहम्मद आजम खां की गाड़ी चेकिंग के लिए रोक ली थी। इसके बाद गुस्साए सपा समर्थक हरिद्वार हाईवे को जाम करने के साथ ही धरने पर बैठ गए। पुलिस और नेताओं के बीच टकराव भी हुआ था। इस मामले में पुलिस ने आजम, मौजूदा देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी के साथ ही नूरपुर के मौजूदा विधायक नईम उल हसन के साथ अन्य सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। 

मंगलवार को देहात विधायक को जमानत मिल गई थी। वहीं बुधवार को साढ़े तीन घंटे न्यायिक हिरासत में रखने बाद एडीजे द्वितीय अनिल कुमार वशिष्ठ की कोर्ट ने नूरपुर के मौजूदा विधायक नईम उल हसन को जमानत प्रदान की। इस दौरान कोर्ट ने उनसे पचास हजार रुपये का बांड भरने के साथ ही अंडरटेकिंग पत्र भी लिया, जिसमें सपा विधायक ने अगली तारीख पर समय पर उपस्थित होने के साथ ही साक्ष्यों से कोई छेड़छाड़ न करने की बात लिखी। 

न्यायिक कस्टडी के दौरान विधायक के चेहरे पर कानून का डर साफ दिखाई दिया। वहीं जमानत मिलने के बाद विधायक के चेहरे पर मुस्कुराहट लौट आई। 

 

Posted By: Narendra Kumar

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