मुरादाबाद, जेएनएन। Negligence of Moradabad Health Department : स्वास्थ्य विभाग में एक के बाद एक लापरवाही का मामला सामने आ रहा है। कोरोना काल की कड़वी यादें अभी लोगों के जेहन से मिटी नहीं हैं, बुखार अलग से चिंता बढ़ा रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का निर्दोष लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले रवैये में सुधार नहीं हो रहा है। एल्बेंडाजाल की लाखों टेबलेट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब बिना टीका लगाए ही पोर्टल पर दो लोगों का टीकाकरण करने का मामला सामने आया है।

लाभार्थी परिवार के सदस्य ने जब स्वास्थ्य कर्मचारियों से बात की तो विभाग में खलबली मच गई। इसका आडियो वायरल हो रहा है। महिला स्वास्थ्य कर्मचारी ने आधार कार्ड लेकर वैक्सीनेट करा दिया। बात सिर्फ दो आधार कार्ड गलत नहीं यह मामला पकड़ में आ गया, पता नहीं कितने लोगों के ऐसे ही फर्जी तरीके से टीकाकरण दिखा दिया होगा। सरकार कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लोगों के टीकाकरण पर पूरा जोर लगा रही है। टीकाकरण के लिए डोज भी बढ़ा दी हैं। लेकिन, स्वास्थ्य कर्मचारी ही टीकाकरण अभियान को पलीता लगाने में जुटे हुए हैं।

ऐसा ही एक मामला डिलारी थाना क्षेत्र के मनकुआ गांव का सामने आया है। स्वास्थ्य कर्मचारी ने आधार कार्ड लेकर जाकिर अली के परिवार के दो लोगों का फर्जी टीकाकरण करा दिया। जब इस बात की जानकारी लाभार्थी परिवार को हुई तो खलबली मच गई। स्वास्थ्य कर्मचारी का आडियो वायरल होने से स्वास्थ्य अधिकारियों में भी खलबली मच गई। अब सभी कर्मचारियों से पूछताछ हो रही है। मामला पकड़ में आने से सरकारी दावों की पोल खुल रही है। गांव देहात में टारगेट को पूरा करने के लिए खूब फर्जीवाड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

क्या कहते हैं अधिकारीः जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने बताया कि बिना टीका लगाए टीकाकरण कर दिया गया। मैंने आडियो सुनी है। इसकी जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी कर्मचारी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। टीकारण जैसे राष्ट्रीय हित के कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीडि़त परिवार ने बताया दर्दः मनकुआ निवासी जाकिर अली का कहना है कि मेरे परिवार के दो लोगों के बिना टीके के ही एंट्री कर दी। गांव में अन्य लोगों के साथ भी ऐसा ही किया गया है। पता नहीं वैक्सीने किसे बेची जा रही है।

वैक्सीनेशन को लेकर वायरल आडियो

लाभार्थी : हेलो, आप मेरी मां और बहन शाहीन का आधार कार्ड किस लिए ले गईं थीं।

स्वास्थ्य कर्मचारी : वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड लिए थे।

लाभार्थी : जब तुम घर से कार्ड लेकर गईं, अम्मी का कार्ड लेकर गईं थीं। तो उनका क्या किया।

स्वास्थ्य कर्मचारी : हमारे अधिकारी आए हुए हैं। कार्ड चढ़वा दिया है।

लाभार्थी : आप किस मकसद से कार्ड लेकर गई। वहां से आप वैक्सीन लगने का कार्ड क्यों नहीं देकर गईं। क्या आप 420 वाला काम कर रहे हो।

स्वास्थ्य कर्मचारी : उन्होंने पोर्टल पर चढ़ा दिया। इसमें कोई बात नहीं है। चलो अब जो हुआ वो तो हो गया।

लाभार्थी : वैक्सीन नहीं लगी है और कभी भी कैसे वैक्सीन लगवा दोगी।

स्वास्थ्य कर्मचारी : मुझसे बताया गया कि था शाहीन को बुखार आ रहा है।

लाभार्थी : पहले ये बताओ घर से क्या कहकर कार्ड लेकर गई हो।

स्वास्थ्य कर्मचारी : वैक्सीन तो उनके कभी भी लग जाएगी।

लाभार्थी : तो इसका मतलब ये है कि आपने वैक्सीन बेच दी

स्वास्थ्य कर्मचारी : वैक्सीन बिकने का कोई मतलब नहीं है।

लाभार्थी : क्या तुम्हे पता है वैक्सीन का कार्ड कब बनता है।

स्वास्थ्य कर्मचारी : हां, आपकी बात सही है।

लाभार्थी : हमारे कार्ड पर भी आपने नंबर गलत नंबर डाल दिया।

स्वास्थ्य कर्मचारी : वैक्सीन लगी नहीं, कार्ड भी घर पर लाकर दे दिया।

लाभार्थी : मैं इसकी जिलाधिकारी महोदय से शिकायत करूंगा। घपलेबाजी कर रही हो। बिना लाभार्थी के वैक्सीन किसे लगा दी।

स्वास्थ्य कर्मचारी : अरे ये तो वैसे वाले हैं। फोटो कापी चल रही है। इसकी पर्ची दे दी आपको।

लाभार्थी : क्या ये नकली कार्ड हैं। वेलिड नहीं हैं। क्या नकली छाप दिए गए। तो आपने कैसे बना दिया ये पर्चा

स्वास्थ्य कर्मचारी : मेरी बात सुनो, ज्यादा मत बनो, अब जो हो गया। उस बात को खत्म करो।

लाभार्थी : कैसे आधार कार्ड लेकर गईं थीं आप

स्वास्थ्य कर्मचारी : चलो मैं मानती हूं। मुझसे गलती हुई है। अब बात खत्म करो। वरना मेरी नौकरी चली जाएगी।

Edited By: Samanvay Pandey