रामपुर, जेएनएन। नवाब खानदान की संपत्ति के बंटवारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी गई है। इससे अरबों रुपये की जायदाद पर काबिज निगहत आब्दी और मुराद अली खां को झटका लगा है। खासबाग पैलेस, नवाब स्टेशन, कोठी शाहबाद, सरकारी कुंडा और बेनजीर की संपत्ति को लेकर नवाब खानदान के बीच लंबी कानूनी लड़ाई चली है। सुप्रीम कोर्ट ने पांच माह पहले इस मामले में फैसला सुनाया था और मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नवाब रजा अली खां के सभी वारिसान को संपत्ति में हिस्सेदार माना था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला न्यायाधीश द्वारा बंटवारा प्रकिया इसी वर्ष दिसम्बर तक पूर्ण की जाएगी। इस बीच अरबों रुपये की जायदाद पर काबिज निगहत आब्दी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर दी गई। 14 जनवरी को चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया गया। नवाब खानदान की कोठी खासबाग देश की पहली एयरकंडीशन कोठी है। अब यह बदहाल है। हालांकि अभी तक यह भव्य कोठी निगहत आब्दी और मुराद अली के ही कब्जे में हैं। मुकदमेबाजी के चलते कोठी खासबाग की तमाम बेशकीमती संपत्ति भी बदहाल हो गई है। अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है।  

Posted By: Narendra Kumar

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