मुरादाबाद, जासं : सुन्नी इमाम कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मुफ्ती इमरान हनफी ने लोगों से ईद का त्योहार घर पर ही रहकर सादगी से मनाने की अपील की। उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा कि कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन का पालन करते हुए ईद सादगी से मनाएं। साथ ही गले मिलने से परहेज करते हुए फोन पर ही ईद की मुबारकबाद रिश्तेदारों और दोस्तों को दें। जिससे कि इस बीमारी के संक्रमण को रोका जा सके। बोले, ईद पर इस्लाम गरीबों का विशेष ध्यान रखने का आदेश देता है। जिसमें जकात और सदका-ए-फित्र की अदायगी बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से ईद की नमाज से पहले गरीब और जरूरतमंद लोगों तक फितरे की रकम पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन दिनों दो किलो पैंतालीस ग्राम गेंहू की कीमत चालीस रुपये बैठती है। इसलिए प्रति व्यक्ति के हिसाब से चालीस रुपये फितरा अदा करना चाहिए। जिससे गरीब और जरूरतमंद भी ईद की खुशिया मना सकें। ईद की नमाज के पहले अदा करें फितरा

पाकबड़ा: जामा मस्जिद, पाकबड़ा के इमाम कारी शम्मे आलम ने कहा कि ईद से पहले सभी लोग फितरा अदा करें। कोरोना ने हमारे मुल्क ही नहीं पूरी दुनिया को बेचैन कर रखा है। लॉकडाउन के जरिए जिंदगी थम सी गई है। मस्जिदों में पाच ही लोग नमाज अदा कर रहे हैं। इसलिए तमाम लोगों से अपील की जाती है कि जिस तरह अब तक मरकजी हुकूमत की हिदायत की पाबंदी करते हुए नमाज अदा हो रही थी, इसी तरह ईद उल फितर की नमाज भी अदा करें। ईद उल फितर के दिन ईद की नमाज के बजाय चाश्त की नमाज अदा करें। खासी और छींक आते वक्त अपने मुंह पर हाथ रखें। उन्होंने कहा कि अल्लाह अपने हबीब के सदके से कोरोना वायरस का खात्मा फरमाएगा।

-कारी शम्मे आलम, इमाम जामा मस्जिद पाकबड़ा।

Posted By: Jagran

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