मुरादाबाद, जेएनएन। मां तो मां होती है। अपनी संतान की तकलीफ मां खुद का जीवन खतरे में डालकर दूर करने की कोशिश करती है। मां का आत्मविश्वास और उसकी हिम्मत के आगे संकट भी दूर हो जाता है। ऐसी ही एक मां हैैं मीरा सिंह।

कटघर स्थित होली का मैदान के पास मीरा सिंह अपने परिवार के साथ रहती हैं। उनके बेटा सुभांशु सिंह कोरोना पाजिटिव हो गए। पूरे परिवार में तनाव पसर गया और बेटे को तीसरी मंजिल पर होम क्वारंटाइन कर दिया। मां मीरा सिंह ने हिम्मत नहीं तोड़ी और बेटे का भरपूर ख्याल रखने में अपनी सेहत को भी भूल गईं। वह स्वयं शुगर की बीमारी से ग्रसित होते हुए भी बेटे के पाजिटिव होने पर पूरे दिन देखभाल में लगी रहीं। बेटे की इम्युनिटी पावर बढ़ाने को हर वह जतन किया जो एक मां को करना चाहिए। तीसरी मंजिल पर दिन में कई बार काढ़ा बनाना, भाप दिलाना, पौष्टिक आहार देने से लेकर हर तरीके से उसकी सेहत का ख्याल रखा। मां की देखभाल के आगे कोरोना को भी हार माननी पड़ी। सुभांशु सिंह की कोरोना रिपोर्ट 28 अप्रैल को कोरोना पाजिटिव आई थी। उसके बाद वह होम क्वारंटाइन हो गए। दस दिन के बाद सात मई को काेरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आई तो मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। झट से बेटे के पास जाकर उसे चूम लिया। मीरा सिंह कहती हैं कि संतान क‍ितनी ही बड़ी हो जाए वह मां के लिए बच्चा ही होती है। मेरा फर्ज बेटे की देखभाल करना था, उसे मैंने पूरा किया है और कुछ नहीं। सुभांशु सिंह कहते हैं कि मां खुद शुगर से ग्रसित हैं, मैने स्वयं कहा कि घर के और सदस्य सामान पहुंचा देंगे लेकिन, मां तो मा होती है। सुभांशु सिंह को संक्रमण भगतपुर ब्लाक में तब लगा जब वह अपने भाई के साथ चुनाव की ट्रेनिंग के दौरान गए थे। सुभांशु सिंह एक व्यापारी हैं।

 

Edited By: Narendra Kumar