मुरादाबाद, जेएनएन। Alert system to prevent road accidents : अपने शहर के लाल ने कमाल कर दिखाया है। रामगंगा विहार क्षेत्र में वेब ग्रीन कालोनी निवासी आइआइटी मंडी के इंजीनियरिंग छात्र नमन चौधरी ने अपनी साथी व फैकल्टी के साथ मिलकर स्मार्ट रोड मानिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। जिससे अंधेरे मोड़ पर हादसों को रोकने में यह सिस्टम कारगर साबित होगा। माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम (एमइएमएस) और इंटरनेट आफ थिंग्स तकनीक का उपयोग कर स्पीड का पता लगाने, अगले मोड़ से आ रहे वाहनों की संख्या जानने, सड़क के बेहतर नियंत्रण और प्रयोग में सहायता मिलेगी। अंधा मोड़ आते ही अलर्ट जारी हो जाएगा। जिससे हादसों की संख्या में कमी आएगी। इस सिस्टम का पेटेंट हो चुका है। बाजार में आने में सात से आठ महीने लगेंगे।

यातायात बढ़ने से हादसे भी बढ़ने के कारण सरकारी सिस्टम को भी चुनौती मिल रही है, इस चुनौती को आइआइटी मंडी के नमन चौधरी व उनके साथियों ने दूर करने का काम किया है। अंधे मोड़ पर यातायात पुलिस की मदद, कन्वेक्स मिरर लगाने की कोशिश की जाती है कि आगे से आ रही गाड़ियों का पता चल पाए और हादसा न हो। बारिश, धूल जमा होने से अंधे मोड़ पर यातायात प्रबंध मुश्किल हो जाता है। यह सिस्टम बनाने वाली टीम में नमन चौधरी के पिता विनय चौधरी अधिवक्ता है। नमन चौधरी के साथ शिशिर अस्थाना, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अमुधन मुथैया और सिविलं इंजीनियरिंग की निधिका कडेला शामिल हैं।

नमर चौधरी कहते हैं कि यह सिस्टम अंधे मोड़ के दोनों तरफ पहचान इकाइयों की दो परते होती हैं और ड्राइवरों को सतर्क करने के लिए दो सिग्नल इकाईयां इसमें हैं। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम डिटेक्शन यूनिट की लगातार दो परतों से किसी वाहन के गुजरने पर सेंसिंग सिस्टम वाहन की गति, दिशा और कितनी भार क्षमता है,इसका पता लगा देता है। इस तरह दिशा का पता लगने से इसकी पुष्टि होती है कि वाहन मोड़ बढ़ रहा है। वाहन चालकों को सचेत करने के लिए दूसरी और से संकेत मिल जाता है। वाहन के दूर होने पर कोई संकेत नहीं मिलता है। इस सिस्टम की कीमत करीब 20 से 22 हजार रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इसे सौर ऊर्जा से उपयोग कर इसकी लागत कम करने की कोशिश की जा रही है।

Edited By: Samanvay Pandey