मुरादाबाद में रामलीला दिखाने के बहाने रेता युवक का गला, तेंदुए का हमला दिखाने के लिए शव पर गोदे पंजे जैसे 25 निशान
मुरादाबाद में एक युवक की हत्या कर उसके शरीर पर तेंदुए के पंजे जैसे 25 निशान बनाए गए ताकि इसे जानवर का हमला दिखाया जा सके।

मृतक के शव के पास रोते बिलखते परिजन।
HighLights
युवक की हत्या कर तेंदुए के हमले का नाटक रचा गया।
सिर पर वार कर गला रेता गया, शरीर पर 25 निशान।
पत्नी, चचेरे भाई और उसके भाई पर हत्या का आरोप।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। तेंदुए की दहशत को हत्यारोपितों ने अवसर में तब्दील कर लिया है। 25 अगस्त को हुए जानी हत्याकांड को तेंदुए के वार के एंगल के बाद एक बार फिर वही कहानी सामने आई है।
युवक को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपितों ने शरीरभर में तेंदुए के पंजे के निशान जैसे गले, हाथ, पेट व पैरों पर 25 निशान गोदे। गन्ने के खेत में शव फेंका। पोस्टमार्टम में 25 निशान की पुष्टि हुई।
मगर, यह भी पता चला कि युवक के सिर पर किसी वजनदार वस्तु से वार भी किया गया जिससे उसके सिर की हड्डी टूट गई। बचने की गुजाइंश ना रहे, इसलिए गला रेता भी गया।
पोस्टमार्टम में कहानी साफ होने के बाद हत्यारोपितों का पैंतरा तुरंत ही बेनकाब हो गया। शुरुआती जांच में अब तक सामने आया कि आरोपित चचेरा भाई अमित मृतक की पत्नी आंचल और दो बच्चों को दो साल पहले अपने साथ ले गया था। वह गांव में आकर रह सके, इसलिए रिंकू की हत्या की।
पुलिस ने आरोपित चचेरे भाई अमित, अमित के भाई शुभम और मृतक की पत्नी आंचल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शुभम व अमित पर हत्या का आरोप है जबकि उसकी पत्नी पर पूरे षडयंत्र में शामिल होने का।
डिलारी गांव बामनिया पट्टी निवासी राजेश के बेटे रिंकू की करीब आठ साल पहले आंचल से शादी हुई थी। वैवाहिक जीवन में आंचल ने चार बच्चों को जन्म दिया। मृतक रिंकू की बहन शीतल के अनुसार, इसी बीच आंचल का चचेरे भाई अमित से प्रेम प्रसंग हो गया। करीब दो साल पहले अमित आंचल और दो बच्चों को लेकर गांव से फरार हो गया। दोनों दिल्ली में रहने लगे।
इस बीच रिंकू ने अमित और आंचल के गांव आने पर हत्या करने की बात कही थी। इसके चलते अमित गांव में नहीं आ पा रहा था। दिन गुजरने के साथ अमित के भाई शुभम और रिंकू के बीच बातचीत शुरू हो गई। पड़ोसी गांव सरकड़ा बिश्नोई में इस समय रामलीला चल रही है।
शनिवार शाम शुभम रिंकू को रामलीला का मंचन देखने के बहाने घर से लेकर गया। दोनों बहन शीतल के घर पहुंचे। यहां शुभम ने रिंकू को शराब पिलाई। उसके बाद रामलीला का मंचन देखने की बात कहते हुए बहन के घर से निकल गए।
आरोपित युवक को शराब के नशे में गांव से बाहर लेकर पहुंच गया। जहां तय योजना अनुसार अमित पहले से ही खड़ा था। दोनों ने रिंकू के सिर पर वजनदार वस्तु से हमला करके हत्या कर दी। बाद में शव पर चाकू से करीब 25 निशान बना दिए। जिससे शव मिलने के बाद लोग समझे कि तेंदुए के हमले से मौत हुई है।
शव को सरकड़ा बिश्नोई निवासी मनोज कुमार के गन्ने के खेत में फेंककर फरार हो गए। जब रिंकू सुबह नहीं पहुंचा तो पिता शुभम के घर पहुंचे तो शुभम भी गायब था। इसके बाद फोन करके शीतल से जानकारी की तो पता चला कि दोनों रात में ही निकल गए। बाद में तलाश शुरू कर दी। रविवार सुबह शव गन्ने के खेत में मिला।
फोरेंसिक और डाग स्क्वायड की टीम को बुला लिया गया। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर मृतक के चचेरों भाईयों व उसकी पत्नी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
