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छत पर टहलता दिखा तेंदुआ, खेत में देखते ही महिला हुई बेहोश! मुरादाबाद के गांवों में दहशत का माहौल

Published: Sun, 23 Aug 2026 07:15 PM (IST)

मुरादाबाद के कांठ और ठाकुरद्वारा क्षेत्रों में तेंदुओं का आतंक बढ़ गया है, जहां एक तेंदुआ घर की छत पर ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक इमेज

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HighLights

  1. कुआंखेड़ा-नारायणपुर छंगापुर मार्ग पर तेंदुआ दिखने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल

  2. डीएफओ बोले, तेंदुए को न घेरें... रास्ता दे दें और वन विभाग को करें फोन

  3. गले को ढककर रखें, खेत में आवाज करते रहें, वीडियो बनाने पास न जाएं

जागरण टीम, मुरादाबाद। तेंदुओं का आतंक अब खेतों से निकलकर ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया है। कांठ क्षेत्र के रसूलपुर गुर्जर में शनिवार देर रात एक तेंदुआ मकान की छत पर पहुंच गया और काफी देर तक बेखौफ टहलता रहा। छत पर तेंदुआ देखकर गृहस्वामी और उनके स्वजन सहम गए। पड़ोसी की छत से ग्रामीण ने तेंदुए का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया।

ठाकुरद्वारा क्षेत्र के बलिया गांव में गन्ने के खेत में तेंदुआ देखकर एक महिला डर के मारे बेहोश हो गई। वहीं ठाकुरद्वारा के कुआंखेड़ा-नारायणपुर छंगापुर मार्ग पर तेंदुआ प्रमोद कुमार नामक के ट्यूबवेल पर चढ़ गया। घटना रात करीब 9:00 बजे की बताई जा रही है। भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह ने घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया है।

ग्राम रसूलपुर गुर्जर निवासी विपिन बिश्नोई के घर की छत पर शनिवार रात करीब 11 बजे तेंदुआ दिखाई दिया। विपिन ने इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को दी। पड़ोसी सानू बिश्नोई ने अपनी छत से तेंदुए का वीडियो बना लिया।

सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष चौधरी हरदीप सिंह बिश्नोई, सहकारी गन्ना समिति के डायरेक्टर राहुल बिश्नोई समेत कई ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ छत से छलांग लगाकर जंगल की ओर भाग गया।

वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है। ठाकुरद्वारा के बलिया गांव में तेंदुए के हमले में 18 अगस्त को विरमो देवी की मौत के बाद ग्रामीणों में डर और गहरा गया है। विरमो देवी अन्य लोगों के साथ खेत में चारा लेने गई थीं, तभी तेंदुए ने हमला कर दिया था।

इसके बाद ग्रामीणों ने पशुओं के लिए चारा लेने खेतों में जाना लगभग बंद कर दिया है। अब बाहर से चारा लाने के लिए बैलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली का सहारा लिया जा रहा है। शनिवार को यादराम की पत्नी सुमरती देवी घर के पास स्थित गन्ने के खेत में चारा लेने गई थीं।

इसी दौरान उनकी नजर गन्ने के बीच खड़े तेंदुए पर पड़ गई। तेंदुए को देखते ही वह भागकर घर की ओर आने लगीं, लेकिन डर के कारण कुछ दूरी पर ही बेहोश होकर गिर गईं। ग्रामीणों ने उन्हें संभाला और होश में आने पर घटना की जानकारी हुई। इसके बाद गांव में फिर तेंदुए को लेकर दहशत फैल गई।

आश्वासन देने तक सीमित जनप्रतिनिधि, सक्रियता पर सवाल

तेंदुए के आतंक को लेकर सांसद रुचि वीरा ने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाउंगी। तेंदुओं की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से वार्ता कर चुकी हूं। तेदुओं की दहशत से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

ठाकुरद्वारा क्षेत्र के सपा विधायक नवाबजान पीड़ित परिवारों से मिल हैं। कांठ विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में तेंदुए का मुद्दा उठाया है। जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों के बीच रहकर इस समस्या का समाधान कराने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है। वन विभाग को तेंदुओं को पकड़ने के लिए पर्याप्त पिंजरों और संसाधनों की जरूरत है।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी, गश्त और पिंजरे लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि खेतों में जाने वाले किसानों और घरों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षा मिल सके।

बछरायूं में तेंदुए ने पेड़ से बंधे जर्मन शेफर्ड को बनाया निवाला

गांव चौखट में शनिवार रात घर के बाहर पेड़ से बंधे विदेशी नस्ल के कुत्ते को तेंदुआ ने अपना शिकार बना लिया। तड़के जाग होने पर स्वजन को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने गांव में तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने की मांग की है।

गांव चौखट निवासी जरीफ के परिवार ने घर पर जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता पाल रखा था। शनिवार रात उन्होंने कुत्ते को घर के बाहर पेड़ से लोहे की चेन से बांध दिया था। इसके बाद परिवार के सदस्य घर के अंदर सो गए। बताया गया कि तड़के करीब तीन बजे नजदीक स्थित बाजरे के खेत से तेंदुआ निकलकर घर के बाहर पहुंचा और कुत्ते पर हमला कर दिया।

लोहे की चेन से बंधा होने के कारण तेंदुआ कुत्ते को अपने साथ खेत की ओर नहीं ले जा सका। इसके बाद उसने वहीं कुत्ते का शिकार कर दिया। सुबह स्वजन जागे तो कुत्ते को मृत देखकर उनके होश उड़ गए। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए।

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र में तेंदुआ की मौजूदगी के संबंध में जानकारी जुटाई। डिप्टी रेंजर रंजन मनोज कुमार ने बताया कि तेंदुआ द्वारा कुत्ते का शिकार किए जाने की घटना सामने आई है।

गन्ने में छिपा हो सकता है चालाक शिकारी, खेत जाते समय रहें सावधान

तेंदुआ आपका पीछा नहीं करता है, लेकिन उसे घेरना या उकसाना खतरा बढ़ा सकता है। दूरी बनाएं, रास्ता दें और वन विभाग को सूचना दें। आपकी सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। गन्ने की फसल में छिपा तेंदुआ कब सामने आ जाए, यह किसी को पता नहीं। ऐसे में घबराहट में उठाया गया एक कदम जानलेवा साबित हो सकता है।

ठाकुरद्वारा, डिलारी और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुओं की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग की सबसे अहम अपील है कि तेंदुआ दिखने पर भागें नहीं, उसे घेरें नहीं और फोटो-वीडियो बनाने के लिए उसके करीब बिल्कुल न जाएं।

उसे निकलने का रास्ता दें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग ने खेतों में काम करने वाले किसानों से समूह में जाने की अपील की है। खेत में काम करते समय लगातार आवाज करते रहें, ताकि तेंदुए को लोगों की मौजूदगी का पता चलता रहे। साथ में लाठी या डंडा रखने की भी सलाह दी गई है।

तेंदुआ दिखे तो इन नंबरों पर दें सूचना

पद / अधिकारी (Designation) क्षेत्र (Location) संपर्क नंबर (Contact Numbers)
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) मुरादाबाद 78394 35116
क्षेत्रीय वन अधिकारी (RO) मुरादाबाद 78394 34636, 96906 70724
क्षेत्रीय वन अधिकारी (RO) ठाकुरद्वारा 78394 34634, 63969 87872
क्षेत्रीय वन अधिकारी (RO) बिलारी 78394 34633, 95990 76755
सेक्शन अधिकारी (SO) कांठ 78394 32822, 94112 68031
सेक्शन अधिकारी (SO) डिलारी 78394 32946, 80573 31725
सेक्शन अधिकारी (SO) ठाकुरद्वारा 78394 32834, 98975 29902

डीएफओ डाॅ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल तेंदुए के लिए छिपने का सुरक्षित ठिकाना बनी है। इसलिए खेत में प्रवेश करने से पहले चारों ओर से सावधानीपूर्वक हांका लगाएं। गन्ने की कटाई के दौरान एक व्यक्ति लगातार आसपास निगरानी करता रहे।

कटाई बैठकर करने के बजाए खड़े होकर करें, ताकि आसपास की गतिविधियों पर नजर बनी रहे। सुबह और शाम को विशेष सावधानी बरतें। घर के आसपास झाड़ियों और घनी घास की नियमित सफाई करें।

बोरिंग की हौदी को भी ढककर रखें, ताकि वन्यजीव या बच्चे उसमें न गिरें। तेंदुए की गतिविधि वाले गांवों में छोटे बच्चों को अकेले स्कूल, बाजार, खेत या खेल के मैदान में न भेजें। शाम के बाद बच्चों की आवाजाही पर विशेष नजर रखें।

पशुओं को भी गन्ने के खेत या घनी झाड़ियों में चरने के लिए खुला न छोड़ें। रात में मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें। खेतों में काम करने वालों को गले में मोटा कपड़ा या गमछा रखने की सलाह दी गई है। पटाखे या अन्य तेज आवाज वाले वैकल्पिक उपायों का प्रयोग भी वन विभाग की सलाह के अनुसार किया जा सकता है।

तेंदुआ दिखाई देने के बाद इंटरनेट मीडिया पर साझा करने के लिए वीडियो बनाने की होड़ न लगाएं। भीड़ जमा होने से वन्यजीव घबराकर हमला कर सकता है। किसी भी अपुष्ट वीडियो या अफवाह को प्रसारित करने से भी बचें। इससे ग्रामीणों में अनावश्यक डर फैलता है और बचाव अभियान प्रभावित हो सकता है।

तेंदुआ सामने आ जाए तो ये तीन काम करें

पहला: भागें नहीं। घबराकर दौड़ने के बजाए सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
दूसरा: घेरें नहीं। लोगों की भीड़ लगाकर तेंदुए को चारों तरफ से घेरना खतरनाक हो सकता है। उसके निकलने का रास्ता खुला छोड़ें।
तीसरा: फोन करें। तेंदुआ दिखाई देने या खेत में उसकी मौजूदगी की आशंका होने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

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