मेयर की बाउंड्रीवाॅल पर बुलडोजर चलाकर भाग गई प्रशासन की टीम, डीएम-कमिश्नर तक पहुंची बात तो मचा हड़कंप
मुरादाबाद के धीमरी गांव में कंपोजिट विद्यालय निर्माण के लिए भूमि पैमाइश के दौरान महापौर विनोद अग्रवाल की बाउंड्रीवाल गिरा ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
महापौर ने एसडीएम सदर के विरुद्ध खोला माेर्चा, कमिश्नर, डीएम से शिकायत
डीएम आज खुद मौके पर पहुंच अपने सामने कराएंगे पैमाइश, मची खलबली
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। धीमरी गांव में कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान तहसील प्रशासन की टीम ने महापौर विनोद अग्रवाल की बाउंड्रीवाल गिरा दी। महापौर तक जानकारी पहुंची, जिसके बाद अफरातफरी मच गई।
महापौर का आरोप है कि इसके बाद टीम भाग गई, जिसके बाद डीएम व कमिश्नर से मामले की शिकायत की। एसडीएम सदर डा. राम मोहन मीण के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए कहा कि उनकी शह पर कार्रवाई हुई है।
शुक्रवार को अफसरों ने खुद मौके पर पहुंचने की बात कही है जिसके बाद खुद पूरी स्थित साफ हो जाएगी कि तहसील प्रशासन ने गलत तरीके से बाउंड्रीवाल गिराई है जिससे गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
10 साल पहले खरीदी जमीन, हो रही खेती
महापौर विनोद अग्रवाल के अनुसार, धीमरी गांव में 10 साल पहले नौ बीघे जमीन खरीदी थी। जमीन पर खेती हो रही है। बाउंड्रीवाल है। शुक्रवार काे तहसील प्रशासन की टीम पहुंची और बाउंड्रीवाल गिरा दी। जानकारी पर विरोध किया गया तो टीम भाग गई।
आरोप लगाया कि टीम पूरी तैयारी से जेसीबी समेत आई थी। इसके बाद डीएम व कमिश्नर तक मामला पहुंचा। पता चला कि महापौर की जहां पर जमीन है। उसी के पास कक्षा एक से 12वीं तक कंपोजिट विद्यालय का निर्माण होना है।
कंपोजिट विद्यालय के निर्माण को लेकर ही तहसील प्रशासन की टीम सरकारी भूमि की पैमाइश कर रही थी। तहसील प्रशासन का तर्क है कि पैमाइश के दौरान बाउंड्रीवाल का हिस्सा सरकारी गाटा में आने के चलते उसे गिरा दिया गया।
महापौर का तर्क है कि बाउंड्रीवाल उनकी जमीन पर है। कोई सरकारी भूमि नहीं है। 10 साल पहले जिस रूप में जमीन खरीदी थी। उसी रूप में है। इतना ही नहीं, बाउंड्रीवाल गिराने से पहले संबंधित के बारे में जानकारी तक नहीं की गई।
फिलहाल, भले ही सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान बाउंड्रीवाल आने पर उसे गिराने की बात कही जा रही है। मगर, संबंधित प्रकरण महापौर से जुड़ने पर मामले ने तूल पकड़ लिया है। बता दें कि पास में ही नगर निगम का पार्क भी प्रस्तावित है। प्रकरण में एसडीएम सदर डा. राम मोहन मीणा का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, मगर जवाब नहीं मिला।
कंपोजिट विद्यालय के निर्माण काे लेकर पैमाइश कराकर गाटा चिह्नित कराया जा रहा था जिसमें बाउंड्रीवाल आने पर उसे हटाया गया। महापौर ने बाउंड्रीवाल गलत तरीके से हटाने की शिकायत की है। इस संबंध में स्वयं उपस्थित होकर अपने सामने दोबारा से पैमाइश कराकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
-अनुज सिंह, डीएम
महापौर ने तहसील प्रशासन द्वारा गलत तरीके से बाउंड्रीवाल गिराए जाने की शिकायत की। इस पर एसडीएम सदर से बात की। उन्होंने बताया कि टीम ने सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान कार्रवाई की। बाउंड्रीवाल महापौर की थी, इस बात की जानकारी टीम को नहीं थी। प्रकरण में जिलाधिकारी से बात की गई है। जिलाधिकारी ने स्वयं उपस्थित होकर दोबारा से पैमाइश कराने की बात कही है। टीम द्वारा गलत कार्रवाई की बात सामने आने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात भी कही है।
-आंजनेय कुमार सिंह, कमिश्नर
